Junk Food Inspection gopalganj: बच्चों और आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर नागरिक विकास सेना ने शहर में बिकने वाले जंक फूड और अन्य खाद्य पदार्थों की विशेष जांच कराने की मांग की है. संगठन के प्रमुख राजीव रंजन सिंह ने डीएम समीर सौरभ को आवेदन देकर चौक-चौराहों, बाजारों और स्कूल-कॉलेजों के आसपास बिक रहे खाद्य पदार्थों की जांच कराने की मांग की है.
संगठन की ओर से कहा गया है कि शहर में कई जगहों पर ठेले और स्टॉल लगाकर पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, मोमोज समेत अन्य जंक फूड बेचे जाते हैं. इन दुकानों पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी पहुंचते हैं. ऐसे में खाद्य पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल, पनीर, दूध, खोआ, मसाला, सॉस, खाद्य रंग और पानी की गुणवत्ता की जांच जरूरी है. साथ ही दुकानों पर साफ-सफाई की स्थिति की भी जांच करने की मांग की गई है.
खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच की मांग
नागरिक विकास सेना ने पनीर, मिठाई, दूध, खोआ, तेल, घी और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग की है. इसके अलावा दुकानदारों के एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों की भी जांच कराने को कहा गया है.
संगठन ने अमानक, मिलावटी या दूषित खाद्य पदार्थ मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है. संगठन के प्रमुख राजीव रंजन सिंह ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. समय रहते खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच होने से संभावित स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि संगठन किसी दुकानदार या व्यवसाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के पक्ष में है.
मौके पर अध्यक्ष दिप्विजय सिंह, सचिव राजू सिंह, रमेश सिंह, दीपक सिंह, मनोज कुमार, अभिषेक कुमार, सोनू कुमार, शशि शेखर, विकास पांडेय, मनीष, मिंकू सिंह समेत अन्य सदस्य मौजूद थे.
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