गोपालगंज के भोरे से सटे गांव के जितेंद्र मिश्र बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, जानिए पूरी जीवनी

Ram Mandir Trust CEO: पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है. यह खबर उनके पैतृक गांव और सीमावर्ती इलाकों में खुशी की लहर लाई है.

Ram Mandir Trust CEO: गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव के रहने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति की खबर सामने आते ही बिहार-उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में खुशी की लहर है. गांव और आसपास के क्षेत्र के लोग इसे अपने इलाके के लिए बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर को हुई बैठक में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगायी. वह भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवा दे चुके हैं और पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के पद से अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए थे.

भोरे से क्या है जितेंद्र मिश्र का जुड़ाव

जितेंद्र मिश्र का पैतृक गांव भोपतपुरा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में है. यह इलाका बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड की सीमा से सटा हुआ है. यही वजह है कि उनकी उपलब्धि को लेकर भोरे और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में भी खासा उत्साह है.

उनकी नियुक्ति की जानकारी मिलने के बाद भोपतपुरा स्थित पैतृक आवास पर बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया. भोरे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों के भी उनके परिवार से मिलने पहुंचने की जानकारी है. लोग उनके चाचा रामप्यारे मिश्र तथा चचेरे भाइयों विवेक मिश्र और अंकित मिश्र से मुलाकात कर शुभकामनाएं दे रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि जितेंद्र मिश्र की उपलब्धि से भोपतपुरा के साथ बिहार-उत्तर प्रदेश के इस सीमावर्ती क्षेत्र का भी गौरव बढ़ा है.

चार दशक तक भारतीय वायुसेना में दी सेवा

जितेंद्र मिश्र ने भारतीय वायुसेना में करीब 38 से 40 वर्ष तक सेवा की. अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमान और जिम्मेदारियां संभालीं. वह लड़ाकू विमान संचालन से जुड़े अनुभवी अधिकारी रहे और टेस्ट पायलट के रूप में भी काम किया. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है.

उनके करियर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में एक लड़ाकू स्क्वाड्रन की कमान, Aircraft and Systems Testing Establishment में Chief Test Pilot की भूमिका और दो अग्रिम एयरबेस की कमान शामिल रही. इसके बाद वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के Air Officer Commanding-in-Chief बने.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका

जितेंद्र मिश्र का नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण कमान से भी जुड़ा रहा. वह उस समय पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे और हवाई अभियानों के संचालन में उनकी भूमिका रही. उनके सैन्य करियर को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सरवोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया था. इसके अलावा उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है.

अब राम मंदिर ट्रस्ट की संभालेंगे जिम्मेदारी

सेना से सेवानिवृत्ति के कुछ महीनों बाद जितेंद्र मिश्र को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है. ट्रस्ट के गठन के करीब छह साल बाद पहली बार इस स्तर पर CEO की नियुक्ति हुई है. उनकी जिम्मेदारी राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और संचालन संबंधी कामकाज को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की होगी.

2 सितंबर को अयोध्या में हुई ट्रस्ट की बैठक में उनकी नियुक्ति का फैसला लिया गया. इसके बाद 3 सितंबर को जितेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए. उन्होंने तीर्थ क्षेत्र के अधिकारियों से भी मुलाकात की.

5585 आवेदनों में चयन, अंतिम सूची में पहुंचे थे तीन नाम

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आये थे. रिपोर्टों के अनुसार कुल 5,585 आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद छह नाम शॉर्टलिस्ट किये गये और अंतिम चरण में तीन नाम रखे गये. इनमें से जितेंद्र मिश्र के नाम पर अंतिम मुहर लगी.

उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को और पेशेवर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सैन्य सेवा में प्रशासन, संचालन, समन्वय और बड़े स्तर पर प्रबंधन का उनका अनुभव अब ट्रस्ट के कामकाज में उपयोगी माना जा रहा है.

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सीमावर्ती इलाके में खुशी का माहौल

जितेंद्र मिश्र की उपलब्धि की खबर से भोपतपुरा के अलावा गोपालगंज के भोरे और आसपास के सीमावर्ती इलाके के लोगों में भी उत्साह है. ग्रामीण इसे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बता रहे हैं.

एक छोटे से सीमावर्ती गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना के शीर्ष पद तक पहुंचने और अब राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की जिम्मेदारी संभालने तक जितेंद्र मिश्र का सफर इलाके के लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है.

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पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

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विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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