गोपालगंज : कटेया के 1932 में स्थापित स्कूल की बदहाली पर शिक्षा विभाग सख्त, प्रभारी एचएम से तीन दिन में मांगा जवाब

Kateya G.A. High School : गोपालगंज के कटेया स्थित जीए उच्च विद्यालय की बदहाल व्यवस्था पर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है. प्रभात खबर की खबर के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शौचालय, पेयजल और विद्यालय संचालन की खामियों पर प्रभारी प्रधानाध्यापक से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है.

Kateya G.A. High School : गोपालगंज के कटेया स्थित 1932 में स्थापित जीए उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज की बदहाल व्यवस्था पर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है. विद्यालय की स्थिति को लेकर प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने प्रभारी प्रधानाध्यापक से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग ने शौचालय, पेयजल और विद्यालय संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया है.

खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में

प्रभात खबर में सात अगस्त को विद्यालय की बदहाल स्थिति से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया. डीइओ अमरेंद्र कुमार पांडेय ने प्रभारी एचएम को पत्र जारी कर विद्यालय संचालन में सामने आयी कमियों पर जवाब मांगा है.

संबंधित खबर : गोपालगंज का 93 साल पुराना जीए हाई स्कूल बदहाल, पीने का पानी और शौचालय तक की सुविधा नहीं, डीईओ ने जांच के दिए निर्देश

बंद शौचालयों को लेकर डीइओ ने जतायी गंभीर नाराजगी

डीइओ ने अपने पत्र में कहा है कि विद्यालय की शैक्षणिक अवधि में सभी क्रियाशील शौचालय बंद रहते हैं. इसके कारण छात्र-छात्राओं को शौच के लिए झाड़ियों और खुले स्थानों का सहारा लेना पड़ता है. बारिश के मौसम में खुले स्थानों पर जाने से सर्पदंश जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहता है.

तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण

डीइओ ने प्रभारी एचएम को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्त होने के तीन दिनों के अंदर स्वयं उपस्थित होकर आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें. निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी को कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करने की चेतावनी दी गयी है.

गोपालगंज की खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें

पेयजल व्यवस्था पर भी उठे सवाल

डीइओ ने विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जतायी है. पत्र में कहा गया है कि प्रकाशित खबर के माध्यम से जानकारी मिली कि विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है और छात्र-छात्राएं दूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जतायी गयी है.

छात्रों की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर सख्त रुख

शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर मामला माना है. डीइओ ने विद्यालय संचालन में मनमानेपन, स्वेच्छाचारिता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के आरोपों पर प्रभारी एचएम से जवाब मांगा है.

संबंधित खबर : हुजूर! बेटियों की पीड़ा कौन सुनेगा? कटेया के स्कूल में टॉयलेट बंद, झाड़ियों का सहारा लेने को मजबूर छात्राएं

81 लाख रुपये के कोष में 50 लाख के खर्च पर उठे सवाल

विद्यालय से जुड़े जानकार सूत्रों के अनुसार छात्र कोष, विकास कोष और अन्य मदों में करीब 81 लाख रुपये की राशि होने की बात सामने आयी है. सूत्रों का दावा है कि इसमें करीब 50 लाख रुपये कागजों पर खर्च किये गये हैं. हालांकि इन पैसों का वास्तविक रूप से किस मद में और कैसे खर्च हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

स्कूल के वित्तीय मामलों की होगी जांच

विद्यालय के कोष में राशि के खर्च से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जा रहा है. विभागीय स्तर पर स्कूल की उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया गया है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विद्यालय के विभिन्न कोषों की राशि किस मद में खर्च की गयी और खर्च से संबंधित दस्तावेजों में क्या स्थिति है.

ऐतिहासिक विद्यालय की व्यवस्था सुधारने की पहल

स्वतंत्रता सेनानी महादेव राय द्वारा 1932 में स्थापित इस विद्यालय का क्षेत्र में पुराना शैक्षणिक महत्व रहा है. बदहाल व्यवस्था सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग ने विद्यालय की स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया है. आने वाले दिनों में जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं में बदलाव की उम्मीद है.

Also Read : गोपालगंज के इस पुल पर 10 अगस्त को एंट्री बंद, जानिए ट्रैफिक ब्रेक की वजह और वैकल्पिक रूट


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By संजय कुमार अभय

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >