180000000 की लागत से बिहार के इस जिले में बनेगा इको-पार्क, मिलेगा लेटेस्ट सुविधाओं का लाभ

Bihar: गोपालगंज जिले के थावे मंदिर परिसर में करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म पार्क बनाया जा रहा है. यह पार्क नेचुरल ब्यूटी, धार्मिक आस्था और लेटेस्ट सुविधाओं से लैस होगा. वॉकवे ट्रैक, प्ले जोन, कैफेटेरिया और एम्फीथिएटर जैसी व्यवस्थाएं भी यहां लोगों को मिलेगी.

Bihar: बिहार के गोपालगंज जिले में प्रसिद्ध थावे मंदिर को अब पर्यटन स्थल के रूप अपनी पहचान बनाएगा. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने यहां एक इको-टूरिज्म पार्क बनाने की मंजूरी दी है. इसका शिलान्यास विभाग के मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने शनिवार को किया. करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पार्क लोगों को मनोरंजन और नेचुरल ब्यूटी का अनुभव कराएगा.

क्या बोले मंत्री

डॉ. कुमार ने बताया कि इस पार्क का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के करीब लाना है और धार्मिक विरासत को भी पर्यटन से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि यहां पर पहले से ही घना जंगल मौजूद है, इसलिए इसे और विकसित करके पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है. यहां जंगल में वॉकवे ट्रैक बनेगा, जिससे लोग एक अलग अनुभव मिलेगा.

क्या है सरकार की योजना

मंत्री ने कहा कि उनकी योजना है कि बिहार के धार्मिक स्थलों को इको-टूरिज्म से जोड़ा जाए. इससे पहले उन्होंने बक्सर में विश्वामित्र पार्क, माता मुंडेश्वरी मंदिर और गुप्ता धाम को विकसित करने का काम हो रहा है. अब थावे को भी नॉर्थ इंडिया का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू होगा.

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क्या-क्या सुविधाएं होगी पार्क में

इस इको पार्क में वॉकिंग ट्रैक, वॉच टावर, बाउंड्री वाल और बैठने की जगह, शौचालय, बच्चों के लिए प्ले जोन, कैफेटेरिया, साइकिल शेड, वॉकवे, ओपन एम्फीथिएटर की सुविधा होगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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