gopalganj news. अब छह तक कराये फार्मर रजिस्ट्री, छह सौ कर्मियों को लगाया गया

नाम से जमीन की जमाबंदी नहीं, तो वंशावली देकर कराया जा सकता है रजिस्ट्रेशन

गोपालगंज. आपके नाम से जमीन की जमाबंदी नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप जमीन के वंशावली के आधार पर अपना रजिस्ट्रेशन, फार्मर रजिस्ट्री, एग्री-स्टैंक परियोजना में जरूर करा लें. पीएम किसान के लाभुकों को आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कैम्प में भाग लेकर अपना फार्मर आइडी प्राप्त कराने के लिए फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल एप द्वारा बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से इ-केवाइसी सत्यापन एवं भूमि संबंधी दावा करना होगा. शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में छह सौ कर्मियों को डाटा एक्सेस व पासवर्ड देकर उनको ट्रेन किया गया है. जिले में महज 13% किसानों ने ही अपना फार्मर होने का रजिस्ट्रेशन कराया है. जिनके पास खतियान, जमाबंदी का ऑनलाइन डेटा उपलब्ध करा दिया गया है. किसानों को छह फरवरी तक का मौका है. इस अवधि में अपना रजिस्ट्रेशन कराये. आपके पूर्वजों के नाम पर जमीन है तो घबराये नहीं. आपसी सहमति पर सभी लोग अपना-अपना डिटेल देकर फार्मर रजिस्ट्रेशन कराएं. कोई दिक्कत आये तो राजस्व कर्मचारी से लेकर सीओ तक सहयोग के लिए उपलब्ध हैं. डीएम ने कहा कि कुछ लोगों ने अफवाह उड़ा दिया कि फार्मर रजिस्ट्रेशन कराने वालों की राशन कार्ड से नाम कट जायेगा. यह पूरी तरह गलत है. डीएम ने अपील की है कि चूके नहीं. अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं.

प्रत्येक किसान का तैयार होगा फार्मर आइडी

रजिस्ट्रेशन कराने का उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को आधुनिक, सरल और प्रभावी बनाना है. इसके तहत प्रत्येक किसान का फार्मर आइडी तैयार किया जाता है, जिसमें किसान के जमीन संबंधी विवरण, आधार संख्या को एकीकृत कर डिजिटल रूप से जोड़ा जाता है. इसके अंतर्गत बिहार भूमि डाटाबेस को समेकित कर प्रत्येक राजस्व ग्राम के समान नाम और पिता के नाम वाले किसानों की जमाबंदी का एक ऑनलाइन बकेट तैयार किया गया है. इसी बकेट के आधार पर राज्य स्तर से फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है. डीएम ने बताया कि जिले में हर पंचायत, ब्लॉक में फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग क्षेत्रीय कर्मचारियों से संपर्क कर अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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