गोपालगंज के पंचदेवरी में यूरिया की किल्लत पर थोक विक्रेताओं पर गंभीर आरोप, डीएओ ने गठित की जांच टीम

गोपालगंज के पंचदेवरी में यूरिया की किल्लत के बीच थोक विक्रेताओं पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने और जिंक-सल्फर की जबरन टैगिंग का आरोप लगा है. डीएओ ने जांच टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

Gopalganj News: गोपालगंज जिले के पंचदेवरी प्रखंड में यूरिया की किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. समय पर खाद नहीं मिलने के पीछे अब थोक वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय खाद दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि थोक विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया उपलब्ध करा रहे हैं और प्रत्येक बोरी के साथ जिंक, सल्फर सहित अन्य उर्वरकों के पैकेट जबरन लेने का दबाव बना रहे हैं. मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) ललन कुमार सुमन ने जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं.

खाद दुकानदारों ने थोक विक्रेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

27 जुलाई को पंचदेवरी कृषि कार्यालय में किसानों की ओर से यूरिया की एक बोरी 450 से 500 रुपये में बेचे जाने की शिकायत के बाद खाद दुकानदारों की बैठक बुलाई गई थी. बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जब किसानों की शिकायत दुकानदारों के सामने रखी तो खुदरा विक्रेताओं ने पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाए.

दुकानदारों का कहना है कि उन्हें थोक विक्रेताओं से ही 280 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया मिलता है. इसके अलावा रेक प्वाइंट से दुकान तक ढुलाई के नाम पर 30 से 42 रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. साथ ही प्रत्येक बोरी के साथ जिंक, सल्फर और अन्य उर्वरकों के पैकेट भी अनिवार्य रूप से दिए जाते हैं.

निर्धारित खुदरा मूल्य पर बिक्री से हो रहा नुकसान

खाद दुकानदारों ने बताया कि विभाग ने यूरिया का खुदरा मूल्य 266 रुपये प्रति बोरी निर्धारित किया है. ऐसे में अधिक कीमत पर खरीदकर निर्धारित दर पर बिक्री करना उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है. इसी कारण प्रखंड के सभी खाद दुकानदारों ने फिलहाल थोक विक्रेताओं से यूरिया का उठाव करने से इनकार कर दिया है.

डीएओ ने गठित की जांच टीम

खाद दुकानदारों ने पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कृषि पदाधिकारी को सौंपी है. वहीं प्रखंड प्रमुख रॉकी राय ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएओ ललन कुमार सुमन ने जांच टीम का गठन कर दिया है.

आरोप सही मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि थोक विक्रेताओं ने निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की है या यूरिया के साथ अन्य उर्वरकों की जबरन टैगिंग की है, तो संबंधित थोक विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

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By Ajit dubey

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