दी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की भोरे शाखा में हुए 2.99 करोड़ के फ्रॉड में शामिल आरोपित शाखा प्रबंधक समेत अन्य की आरेस्टिंग नहीं होने से बैंक की राशि की रिकवरी नहीं हो पा रही. बैंक के अध्यक्ष महेश राय ने बुधवार को एसपी विनय तिवारी से मिलकर कार्रवाई के लिए अपील की. अध्यक्ष ने कहा कि भोरे थाना कांड सं- 582/23 में भोरे पुलिस की ओर से कार्रवाई अपेक्षित है.
पटना हाइकोर्ट ने खारिज कर दी है जमानत की अर्जी
पटना हाइकोर्ट से भी आरोपितों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है. भोरे के शाखा प्रबंधक चौधरी संजय कुमार रामाकांत ने अपने सहयोगी पेंटा आइटी सहायक संजय यादव, सहायक संजीव कुमार को मैनेज कर फ्रॉड को अंजाम दिया. ग्राहक जो अपनी राशि को फिक्स कर सर्टिफिकेट लेकर चले गये. उसके बाद बगैर उस ग्राहक के जानकारी में उनके फिक्स के एवज में अपने आइडी से लोन स्वीकृत कर राशि को 12 अपने करीबियों के खाते में ट्रांसफर कर लिया गया. कुल 67 लोगों के डिपॉजिट से यह खेल 28 फरवरी 2022 से 22 अगस्त 2023 के बीच भोरे शाखा से 2.99 करोड़ रुपये का फ्रॉड कांड में प्राथमिकी दर्ज कराये गये थे. मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस कप्तान ने कार्रवाई का आदेश दिया है. पुलिस कप्तान ने भरोसा दिलाया कि हर हाल में कार्रवाई होगी.
