सरपंच कर रहे मौखिक सुनवाई व निबटारा

गोपालगंज : जी हां, यह जान कर आ›श्चर्य जरूर होगा, लेकिन व्यवस्था की यही सच्चाई है. जिले में ग्राम कचहरी के तमाम सरपंच पद एवं गोपनीयता की शपथ ले चुके हैं, लेकिन अधिकतर ग्राम कचहरियों में न्यायमित्र व सचिव के पद रिक्त हैं. इस कारण गांव के छोटे विवादों के निबटारे में मुश्किल हो रही […]

गोपालगंज : जी हां, यह जान कर आ›श्चर्य जरूर होगा, लेकिन व्यवस्था की यही सच्चाई है. जिले में ग्राम कचहरी के तमाम सरपंच पद एवं गोपनीयता की शपथ ले चुके हैं, लेकिन अधिकतर ग्राम कचहरियों में न्यायमित्र व सचिव के पद रिक्त हैं. इस कारण गांव के छोटे विवादों के निबटारे में मुश्किल हो रही है. ग्राम कचहरी स्थापना की मूल वजह यही थी

कि अदालतों व थानों का बोझ कम हो और छोटे विवादों का निबटारा सुलभ और त्वरित हो. लोग बिना खर्च के ग्राम कचहरी से न्याय हासिल कर सके. ग्राम कचहरी में न्यायमित्र व ग्राम कचहरी सचिव का नियोजन किया गया था, लेकिन अधिकतर न्यायमित्र व कचहरी सचिव के पद रिक्त हैं. ग्राम कचहरी सचिव व न्यायमित्र की बहाली के बारे में कोई सूचना नहीं है. कई सरपंचों का कहना है कि सचिव के नहीं होने के कारण कचहरी का नियमित संचालन नहीं हो रहा है. इधर, प्रतिदिन कई मामले ग्राम कचहरी में आ रहे हैं, जिसे अपने विवेक के अनुसार सरपंच मौखिक तौर पर सुलझा रहे हैं. पंचायती राज विभाग की ओर से सही जानकारी नहीं दी जा रही है.

जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
ग्राम कचहरी में न्यायमित्र व सचिव की बहाली नहीं हो सकी है. बहाली प्रक्रिया शुरू करने को लेकर आरक्षण रोस्टर अनुमोदन के लिए प्रमंडलीय आयुक्त सारण के यहां भेजा गया है. वहां से अनुमोदन होने और आदेश मिलने के बाद नियोजन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
शंभुनाथ, जिला पंचायती राज पदाधिकारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >