कुचायकोट में जब्त 8774 सीम कार्ड की अब जांच करेंगी केंद्रीय जांच एजेंसियां

कुचायकोट पुलिस के हत्थे चढ़े पश्चिम बंगाल के तीन युवकों के पास से जब्त विभिन्न कंपनियों के 8774 सिमकार्ड और 18 हजार 800 नेपाली करेंसी के साथ पांच मोबाइल जब्त होने की जांच अब केंद्रीय जांच एजेसियों को सौंपने के लिए एसपी की ओर से आग्रह किया गया है.

गोपालगंज. कुचायकोट पुलिस के हत्थे चढ़े पश्चिम बंगाल के तीन युवकों के पास से जब्त विभिन्न कंपनियों के 8774 सिमकार्ड और 18 हजार 800 नेपाली करेंसी के साथ पांच मोबाइल जब्त होने की जांच अब केंद्रीय जांच एजेसियों को सौंपने के लिए एसपी की ओर से आग्रह किया गया है. पुलिस की पूछताछ में तीनों युवकों ने अपना मुंह नहीं खोला है. एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को पूरे मामले से अवगत कराया गया है, अब वे ही जांच करेंगी. उनका पूरा सहयोग पुलिस के स्तर से किया जायेगा. फिलहाल कुचायकोट थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तीनों आरोपितों को शनिवार को जेल भेज दिया गया है. उधर, पुलिस सूत्रों की मानें तो पहली बार बिहार में लोकसभा चुनाव के ऐन पहले इतना सिमकार्ड जब्त हुआ है. सोशल मीडिया, कॉल, साइबर फ्रॉड, टेरर से भी इनके नेटवर्क जुड़ने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता. जब्त सीमकार्ड से लोकसभा चुनाव को भी प्रभावित किया जा सकता था. पकड़े गये तीनों युवकों के माड्यूल स्लीपर के होने की बात सामने आयी है. उनको बस इतना ही पता था कि गोरखपुर हवाई अड्डा से सीम की खेप को लेकर मालदा पहुंचा देना था. वे मालदा के ही रहनेवाले है, इसकी भी जांच चल रही. वे बांग्लादेशी भी हो सकते हैं. वे नेपाल से सोनौली बॉर्डर से यूपी में दाखिल हुुए थे. बलथरी चेकपोस्ट पर आते ही पकड़े गये थे. गिरफ्तार युवकों ने अपनी पहचान मालदा जिला के कलिया चौक थाना क्षेत्र के सुजापुर निवासी मोहम्मद असमाउल शेख, ब्रोमोतोर निवासी मोहम्मद इकबाल हुसैन तथा मोसिमपुर निवासी नूर आलम बतायी है.

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