शिक्षकों की डिग्री भी फर्जी!
ऑपरेशन सीबीएसइ . एफिलिएशन लेने में बोर्ड को दिया धोखा... सीबीएसइ से मान्यता लेने के लिए थावे डीएवी पब्लिक स्कूल बोर्ड के नियमों पर खरा उतरने के लिए फर्जीवाड़ा कर एफिलिएशन लेने में सफल रहा. इस दौरान कागजों में किये गये फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा आरटीआइ के जरिये हुआ है. गोपालगंज : वे स्थित पब्लिक […]
ऑपरेशन सीबीएसइ . एफिलिएशन लेने में बोर्ड को दिया धोखा
सीबीएसइ से मान्यता लेने के लिए थावे डीएवी पब्लिक स्कूल बोर्ड के नियमों पर खरा उतरने के लिए फर्जीवाड़ा कर एफिलिएशन लेने में सफल रहा. इस दौरान कागजों में किये गये फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा आरटीआइ के जरिये हुआ है.
गोपालगंज : वे स्थित पब्लिक स्कूल में शिक्षकों की डिग्री में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है. शिक्षकों की डिग्री में हेराफेरी कर बोर्ड को चकमा दिया गया. एफिलिएशन लेने के लिए एडॉक पर कार्यरत शिक्षकों को टीजीटी कॉन्ट्रैक्ट (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक) बना दिया गया, तो पीआरटी (प्राइमरी ट्रेंड) डिग्री वाले शिक्षकों को टीजीटी बना दिया गया है,
ताकि सीबीएसइ बोर्ड आसानी से मान्यता दे दे. इसका खुलासा आरटीआइ से सामने आया है. इसमें डीएवी स्कूल में कार्यरत प्राइमरी ट्रेंड शिक्षक प्रकाश कुमार सिंह, विनोद शंकर तिवारी, ललन कुमार सिंह, प्रकाश रजनीश कुमार सिंह को स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक (टीजीटी ग्रेड) बना दिया गया, जबकि अस्थायी रूप में कार्यरत शिक्षक सुभाष बहादुर, आनंद मोहन झा, ब्रजकिशोर सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, अजय कुमार गुप्ता, प्रवीण रंजन, पूनम कुमारी, शैलेंद्र ठाकुर को टीजीटी कॉन्ट्रैक्ट बता कर सीबीएसइ बोर्ड को सूची सौंपी गयी. ट्रेंड शिक्षकों की संख्या और छात्रों की संख्या को ध्यान में रखते हुए सीबीएसइ बोर्ड ने मान्यता दे दी.
चार शिक्षकों को पीआरटी से कागज में बना दिया गया टीजीटी
स्कूल के प्राचार्य की भूमिका संदिग्ध
थावे पब्लिक स्कूल के प्राचार्य की भूमिका पर सवाल खड़ा हो गया है. सीबीएसइ बोर्ड को सौंपी गयी शिक्षकों की सूची प्राचार्य ने ही तैयार की. इसका खुलासा होने के बाद लोगों की नजर सीबीएसइ बोर्ड पर टिकी हुई है. इस संबंध में सीबीएसइ के क्षेत्रीय अधिकारी आरआर मीणा ने बताया कि थावे पब्लिक स्कूल के शिक्षकों की डिग्री में भी छेड़छाड़ की गया है, तो इसकी जांच करने के साथ ही कार्रवाई की जायेगी.
शिक्षकों की डिग्री की भी जांच होगी.
