फुलवरिया में मिड-डे मील का पायलट प्रोजेक्ट हुआ बंद, एक फरवरी से पुरानी व्यवस्था लागू
गोपालगंज. मध्याह्न भोजन योजना के तहत जिले के फुलवरिया प्रखंड में संचालित पायलट प्रोजेक्ट को बंद करने का निर्णय लिया गया है.
गोपालगंज. मध्याह्न भोजन योजना के तहत जिले के फुलवरिया प्रखंड में संचालित पायलट प्रोजेक्ट को बंद करने का निर्णय लिया गया है. शिक्षा विभाग के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है कि एक फरवरी से बंद कर दिया जायेगा. इसके बाद जिले के संबंधित सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का संचालन पूर्व की तरह प्रधानाध्यापक और विद्यालय शिक्षा समिति के माध्यम से किया जायेगा. इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत प्रधानाध्यापकों को मध्याह्न भोजन से जुड़े प्रशासनिक कार्यों से मुक्त कर उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से की गयी थी. इसमें प्रधानाध्यापक के स्थान पर किसी अन्य नामित शिक्षक को भोजन संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. हालांकि, यह प्रयोग अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका. एमडीएम डीपीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के आदेश पर प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन/एसर सेंटर, बिहार द्वारा कराये गये मूल्यांकन में यह सामने आया कि पायलट प्रोजेक्ट लागू रहने के बावजूद लगभग 70 प्रतिशत प्रधानाध्यापक किसी न किसी रूप में मध्याह्न भोजन के संचालन से जुड़े रहे. सहायक शिक्षकों का विद्यालय प्रशासन पर अपेक्षाकृत कमजोर नियंत्रण रहने के कारण प्रधानाध्यापक पूरी तरह इस जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो पाये. उन्होंने बताया कि फुलवरिया प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट से जुड़े सभी विद्यालयों में यह व्यवस्था समाप्त कर दी जायेगी. एक फरवरी से सभी स्कूलों में पूर्ववत प्रणाली लागू होगी और मध्याह्न भोजन से संबंधित सभी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा.
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