अपहृत सरपंच के पति का मिला शव

अपहृत सरपंच के पति का मिला शव ग्रामीणों में भड़का आक्रोश, पुलिस फायरिंग घटनास्थल पर पहुंचे डीएम-एसपीतीहरे हत्याकांड का चश्मदीद गवाह था दिलीप संवाददाता-रसूलपुर (एकमा). थाना क्षेत्र की असहनी पंचायत की सरपंच रानी देवी के अपहृत पति दिलीप यादव का शव शनिवार को मिला . इसके बाद उग्र ग्रामीणों ने जम कर उत्पात मचाया. स्थिति […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 16, 2016 7:13 PM

अपहृत सरपंच के पति का मिला शव ग्रामीणों में भड़का आक्रोश, पुलिस फायरिंग घटनास्थल पर पहुंचे डीएम-एसपीतीहरे हत्याकांड का चश्मदीद गवाह था दिलीप संवाददाता-रसूलपुर (एकमा). थाना क्षेत्र की असहनी पंचायत की सरपंच रानी देवी के अपहृत पति दिलीप यादव का शव शनिवार को मिला . इसके बाद उग्र ग्रामीणों ने जम कर उत्पात मचाया. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को छह चक्र हवाई फायरिंग करनी पड़ी. दिलीप यादव तीहरे हत्याकांड के गवाह थे. 2009 में 12 मार्च को असहनी गांव में होली के दिन तीन लोगों की हत्या कर दी गयी थी, जिसके नामजद आरोपित मुखिया इशनाथय यादव, अनिल ओझा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी सरपंच रानी देवी के बयान पर दर्ज की गयी है. थाना क्षेत्र के रसूलपुर चैनपुर पथ पर योगिया गांव के समीप बोहटा नदीपुल के पास दिलीप का शव मिला था. पथराव में सदर सडीपीओ राज कुमार कर्ण समेत एक दर्जन पुलिस कर्मियों को भी चोटें आयी हैं. इसको लेकर अफरा-तफरी मची रही. घटना की सूचना पाकर मौके पर डीएम दीपक आनंद, एसपी सत्यवीर सिंह भी पहुंचे. पहले से सदर एसडीपीओ राजकुमार कर्ण, मढौरा एसडीपीओ अशोक सिंह, महाराजगंज एसडीपीओ, रसूलपुर, एकमा, दाउदपुर, मांझी समेत कई थानों के थानाध्यक्ष पुलिस पदाधिकारी, काफी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स, एसएसबी, आइटीबीपी के जवान मौजूद थे. इसके पहले सुबह में रसूलपुर बाजार को बंद करा दिया. छपरा-सीवान तथा रसूलपुर-चैनपुर पथ को जाम कर यातायात बाधित कर दिया. इसी को लेकर पुलिस पदाधिकारी व पुलिस बल के जवान वहां पहुंचे थे. सरपंच रानी देवी के पति दिलीप कुमार यादव का अपहरण शुक्रवार की संध्या उस समय कर लिया गया जब वह रसूलपुर बाजार से सब्जी खरीदकर अपने घर वापस लौट रहे थे. दिलीप की मोटरसाइकिल योगिया बोहटा नदी पुल के पास लावारिश हालत में मिलने के बाद उनके अपहरण की आशंका व्यक्त की जा रही थी. इसके खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को भी रसूलपुर-चैरपुर पथ को जाम किया था और एसपी सत्यवीर सिंह के पहुंचने के बाद देर रात को सड़क जाम हटाया गया. लेकिन शनिवार की सुबह ग्रामीण फिर से आंदोलन करने लगे. ग्रामीणों का आंदोलन चल ही रहा था कि शव मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया. डीएम-एसपी के पहुंचने के बाद पुलिस के शव को अपने कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस मामले में मुखिया समेत दो लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. दर्ज मामले में कहा गया है कि वर्ष 2009 में 12 मार्च को असहनी गांव में हुई तीन लोगों की हत्या मामले में दिलीप यादव चश्मदीद गवाह था. तिहरे हत्या मामले में मुखिया ईशनाथ यादव समेत आठ नामजद हैं और सभी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दिया है. इस मामले में चार आरोपित फरार हैं. इसी आरोपितों में शामिल मुखिया ईशनाथ यादव तथा अनिल ओझा को दिलीप हत्याकांड में नामजद किया गया है.