जल संकट से निबटने के लिए गांवों में लगेंगे 86820 चापाकल, 24 करोड़ रुपये स्वीकृत23 हजार चापाकलों की होगी मरम्मती राजभवन में विश्वविद्यालय कोषांग का होगा गठनसंवाददाता, पटनागांवों में पानी की समस्या से निबटने के लिए राज्य सरकार 86820 नये चापाकल लगायेगी. साथ ही भू-जल स्तर घटने के कारण बेकार पड़े 1700 चापाकलों समेत विभिन्न कारणों से बंद 22964 चापाकलों की मरम्मत करायी जायेगी. ये निर्णय मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिये गये. कैबिनेट सचिव बेजेश मेहरोत्रा ने बताया कि बैठक में कुल 109784 चापाकलों के लिए 23 करोड़ 94 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी है. उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 19 प्रस्तावों की स्वीकृत किया गया है. उन्होंने बताया कि मध्याह्न भोजन योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 में केंद्रांश और राज्यांश मद में कुल 144 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये की निकासी और खर्च की अनुमती दी गयी है. कैबिनेट सचिव ने बताया कि एससी-एसटी आयोग और एससी अायोग को स्थापना मद में खर्च के लिए तीन करोड़ 69 लाख 91 हजार रुपये सहायक अनुदान दिया गया है. केंद्रीय योजना के तहत आर्थिक गणना के लिए 2015-16 में 8.13 करोड़ रुपये दिये गये हैं. ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि राजभवन में विश्वविद्यालय कोषांग का गठन होगा. विश्वविद्यालयों के कामकाज को समय पर निबटाने के लिए सचिवालय के निर्देश में काम करनेवाले इस कोषांग में अवर सचिव स्तर के एक विधि पदाधिकारी, एक प्रशाखा पदाधिकारी और आठ कर्मचारी के पद सृजित करने की अनुमति दी गयी है. कृषि में यांत्रिकरण कस्टम हायरिग केंद्र की स्थापना के लिए 12 करोड़ एक लाख रुपये की फलैक्शी फंड की स्वीकृति दी गयी है. सहकारी विकास के लिए चल रहे विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा ऋण मद में चार करोड़ 70 हजार रुपये अग्रिम भुगतान की स्वीकृति दी गयी है. बैठक में आर्यभट ज्ञान विवि के कर्मियों के वेतन आदि की भुगतान के लिए चार करोड़ रुपये की सहायक अनुदान की स्वीकृति दी गयी है.
जल संकट से निबटने के लिए गांवों में लगेंगे 86820 चापाकल, 24 करोड़ रुपये स्वीकृत
जल संकट से निबटने के लिए गांवों में लगेंगे 86820 चापाकल, 24 करोड़ रुपये स्वीकृत23 हजार चापाकलों की होगी मरम्मती राजभवन में विश्वविद्यालय कोषांग का होगा गठनसंवाददाता, पटनागांवों में पानी की समस्या से निबटने के लिए राज्य सरकार 86820 नये चापाकल लगायेगी. साथ ही भू-जल स्तर घटने के कारण बेकार पड़े 1700 चापाकलों समेत विभिन्न […]
