गोपालगंज : अब भारत सरकार लोगों को विशेष पहचानपत्र देगी. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के डाटाबेस को अद्यतन करने और आधार नंबर को एनपीआर के डाटाबेस में डालने की ट्रेनिंग प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं कार्यपालक पदाधिकारियों को दिया गया.
समाहरणालय स्थित कौशल विकास केंद्र में सभी प्रखंडों के बीडीअो एवं नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को ट्रेनिंग दी गयी. जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2011 से पूर्व वर्ष 2010 में एनपीआर तैयार किया गया था. जिस रजिस्टर में सामान्य निवासियों को भारत सरकार के महारजिस्टार एवं गृह मंत्रालय दिल्ली के द्वारा डाटाबेस तैयार कर विशेष पहचानपत्र निर्गत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
उसे अब तक भारत सरकार के एक अन्य एजेंसी द्वारा आधार कार्ड बनाया जा रहा था. वर्तमान में सर्वेक्षण कर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अद्यतन कर समय पर आधार नंबर सम्मिलित करते हुए एनपीआर तैयार कर आधार कार्ड प्राप्त एवं आधार कार्ड से वंचित सभी लोगों को विशेष पहचानपत्र निर्गत किया जाना है.
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी विंदेश्वरी राम ने बताया कि सभी प्रखंडों के बीडीओ, कार्यपालक पदाधिकारी और उनके साथ आये प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग दी गयी.
सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 30 नवंबर तक अपने-अपने प्रखंडों में सर्वेक्षण कर्ता को चिह्नित कर उन्हें 10 दिसंबर तक प्रखंड स्तर पर विशेष पहचानपत्र बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिये जाने का निर्देश प्राप्त हुआ है. प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निदेशक डीआरडीए धनंजय कुमार, बीडीओ किरण कुमारी, मार्कंडेय राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे.
