नेमतुल्लाह ने लगाया था हार का चौका पांचवीं बार में बरौली की जनता ने पहना दिया जीत का सेहरावकालत से विधायक तक का किया सफर फोटो नं-11संवाददाता, गोपालगंजचार बार चुनाव हारने के बाद मो नेमतुल्लाह बरौली का ताज पाने में सफल रहे हैं. मूल रूप से सीवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के अठखंभा गांव के रहनेवाले नेमतुल्लाह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1995 में जनता दल के टिकट पर बरौली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ कर की. पहली ही बार में चुनाव जीतने में सफल रहे. 57 वर्षीय नेमतुल्लाह जिले के पूर्वांचल के तीनों विधायकों में सर्वाधिक शिक्षित हैं. उन्होंने स्नातक की पढ़ाई खत्म कर उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की आैर पटना उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की. वकालत की पेशा छोड़ कर 1995 में राजनीति में कदम रखे नेमतुल्लाह वर्ष 2000, फरवरी 2005, अक्तूबर 2005 तथा वर्ष 2010 में राजद के टिकट पर बरौली से चुनाव लड़ते रहे. हर बार पार्टी ने भरोसा जताया, लेकिन इन्हें सफता नहीं मिली. इस बार हुए विधानसभा चुनाव में एक बार फिर राजद ने भरोसा जताते हुए इन्हें टिकट थमा दिया. इस बार जनता ने इन्हें जीत का सेहरा पहना दिया. इन पर किसी भी तरह का आपराधिक मामला नहीं है. 52 लाख से अधिक की इनकी चल-अचल संपत्ति है. इनकी पत्नी भी 52 लाख से अधिक की संपत्ति की मालकिन हैं.
नेमतुल्लाह ने लगाया था हार का चौका
नेमतुल्लाह ने लगाया था हार का चौका पांचवीं बार में बरौली की जनता ने पहना दिया जीत का सेहरावकालत से विधायक तक का किया सफर फोटो नं-11संवाददाता, गोपालगंजचार बार चुनाव हारने के बाद मो नेमतुल्लाह बरौली का ताज पाने में सफल रहे हैं. मूल रूप से सीवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के अठखंभा गांव […]
