असमय आया भागवत का बयान : मांझी

असमय आया भागवत का बयान : मांझीदाल, पाकिस्तान में पटाखा और डीएनए पर सही तरीके से नहीं रख पाये अपनी बातनीतीश-लालू एक होने का रच रहे स्वांग, दोनों पूरब-पश्चिमएनडीए में सीएम का चेहरा होता तो अच्छा होतापंचायत स्तर पर हम का करेंगे विस्तारसंवाददाता, पटनापूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने हार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 9, 2015 7:52 PM

असमय आया भागवत का बयान : मांझीदाल, पाकिस्तान में पटाखा और डीएनए पर सही तरीके से नहीं रख पाये अपनी बातनीतीश-लालू एक होने का रच रहे स्वांग, दोनों पूरब-पश्चिमएनडीए में सीएम का चेहरा होता तो अच्छा होतापंचायत स्तर पर हम का करेंगे विस्तारसंवाददाता, पटनापूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने हार के लिए आरक्षण पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को जिम्मेदार ठहराया है. कहा कि आरक्षण पर मोहन भागवत का बयान असमय आया. बिहार चुनाव के समय उसे नहीं आना चाहिए था. उसे नीतीश कुमार और लालू प्रसाद ने कैश कर लिया. ये दोनों नेता किसी चीज को कैश करने में माहिर हैं. मोहन भागवत ने कुछ गलत नहीं कहा था. उन्होंने आरक्षण खत्म करने की नहीं, बल्कि समीक्षा की बात कही थी. आरक्षण खत्म होने की बात नीतीश कुमार और लालू प्रसाद ने कॉमन लोगों के बीच फैलाने का काम किया और उसमें वे सफल हुए. मांझी ने कहा कि आरक्षण के साथ-साथ दाल, पाकिस्तान में पटाखा, डीएनए जैसे कई मुद्दे पर हम अपनी बात को सही तरीके से रख नहीं पाये. वहीं, महागंठबंधन ने इन मुद्दों पर लोगों को भरमाया. उन्होंने कहा कि अब नीतीश कुमार और लालू प्रसाद मिल कर सरकार चला लें, यही बड़ी बात है. दोनों पूरब-पश्चिम हैं. दोनों एक होने का स्वांग रच रहे हैं. महागंठबंधन ने बिहार चुनाव में प्रशासनिक महकमा का भी जम कर इस्तेमाल किया. मांझी ने हार के लिए एक कारण एनडीए में मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होना भी माना. उन्होंने कहा कि एनडीए में अगर सीएम का चेहरा होता, तो अच्छा होता. हम के 21 में से मात्र एक सीट जीतने पर मांझी ने कहा कि हम अपनी पार्टी का पंचायत स्तर तक विस्तार करेंगे.