ऐतिहासिक स्कूलों में जाने तक की राह नहीं
संवाददाता, बैकुंठपुर प्रखंड के कई स्कूलों में जाने तक के रास्ते नहीं हैं. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के द्वारा स्थापित गंधुआ स्थित मिडिल स्कूल भले हीं अप ग्रेडेड हाई स्कूल हो गया लेकिन समयांतराल के साथ स्कूल गेट तक पहुंचने की राह नहीं बन सकी. पगडंडी के सहारे रोड से 200 मीटर पैदल छात्र,शिक्षक, अभिभावक से […]
संवाददाता, बैकुंठपुर प्रखंड के कई स्कूलों में जाने तक के रास्ते नहीं हैं. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के द्वारा स्थापित गंधुआ स्थित मिडिल स्कूल भले हीं अप ग्रेडेड हाई स्कूल हो गया लेकिन समयांतराल के साथ स्कूल गेट तक पहुंचने की राह नहीं बन सकी. पगडंडी के सहारे रोड से 200 मीटर पैदल छात्र,शिक्षक, अभिभावक से लेकर पदाधिकारी तक को चलना पड़ता है. खेतों के मेड़ पर गिरते -संभलते स्कूल तक पहुंचना मजबूरी होती है. वहीं खैरा आजम पंचायत स्थित सांसद आदर्श गांव बनकट्ी दक्षिण अपग्रेड मिडिल स्कूल की भी वहीं दशा है. खेतों वाले किसान पगडंडी होकर बच्चों को चलने से रोकते हैं. ऐसे मे ना तो जनप्रतिनिधि समस्या समाधान का उपाय ढ़ूंढ़े सके ना शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हीं कोई पहल किया. यहां रास्ते की समस्या बच्चों से लेकर शिक्षकों तक के लिये एक बड़ी समस्या बन कर रह गयी है. हेडमास्टर की सुने तो सरकार द्वारा मिली हर सुविधा स्कूल के पास हैं मगर रास्ते की कमी कष्ट का पर्याय बन कर रह गयी हैं.
