प्रेम के भूखे होते हैं भगवान : बटुक दास
कटेया के पानन गांव में चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञप्रवचन सुनने के लिए भागवत कथा में उमड़ रहे भक्त फोटो 27संवाददाता, कटेया भगवान प्रेम के भूखे होते हैं. इसी कारण भक्त उन्हें अपने वश में कर लेता है. ऐसे अनेकों उदाहरण हैं, जिसमें परमात्मा भक्तों की खातिर स्वयं को छोटा बना लेते हैं. भक्ति प्रेम […]
कटेया के पानन गांव में चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञप्रवचन सुनने के लिए भागवत कथा में उमड़ रहे भक्त फोटो 27संवाददाता, कटेया भगवान प्रेम के भूखे होते हैं. इसी कारण भक्त उन्हें अपने वश में कर लेता है. ऐसे अनेकों उदाहरण हैं, जिसमें परमात्मा भक्तों की खातिर स्वयं को छोटा बना लेते हैं. भक्ति प्रेम एवं विश्वास का विषय है. इसी प्रेम में पड़ कर भगवान शबरी का जूठा बेर खाते हैं, तो विदुर के घर साग खाने को मजबूर होते हैं. उक्त बातें मथुरा से आये भागवत मर्मज्ञ स्वामी बटुक दास ने प्रवचन के दौरान कहीं. कटेया के पानन गांव में चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में स्वामी बटुक दास ने राजा बलि की कहानी के माध्यम से यह बताने की कोशिश की कि बलि का सब कुछ ले लेने के बाद भी भगवान को उसके पे्रम के कारण उसके द्वार पर चौकीदार बन कर रहना पड़ा. भक्तों की मर्यादा के लिए भगवान अपनी मर्यादा का ख्याल नहीं रखते. कृष्ण जन्म की कथा के क्रम में वासुदेव द्वारा कृष्ण को नंद के घर पहुंचाने की झांकी निकाली गयी, जिसे देख दर्शक भावविभोर हो गये. लोग स्वयं को रोक नहीं पाये और झूमने लगे. यज्ञ के यजमान पूर्व शिक्षक पंडित बैद्यनाथ मिश्र हैं. व्यवस्था संभालने में अशोक मिश्र, धनंजय, विजय, राजू, रामू एवं नीरज लगे रहे. मौके पर रामाशंकर तिवारी, शिक्षक सर्वानंद ओझा, तेज नारायण दूबे, रामप्यारे मिश्र, डिंपल मिश्र सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे. कथा में संगीत अंटू तिवारी, चुन्नू मिश्र आदि कलाकारों ने दिया.
