सिर व गला कैंसर के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए तंबाकू, गुटखा और शराब के सेवन से पूरी तरह बचना आवश्यक है. लक्षणों की पहचान होने के तुरंत बाद जांच करानी चाहिए. जागरूकता और समय पर इलाज की सुविधा अपनाने की बदौलत सिर एवं गला कैंसर को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है.
इसके लक्षण, बचाव और समय पर जांच के प्रति लोगों को जागरूक करना अत्यंत महत्वपूर्ण काम है, ताकि इस गंभीर बीमारी की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके.
उक्त बातें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से आयोजित कैंसर जागरूकता सह नि:शुल्क जांच शिविर में वक्ताओं ने कही.
शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज, तुरंत कराएं डॉक्टरी जांच
शिविर में मौजूद डॉक्टरों ने लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, धूम्रपान और शराब के अत्यधिक सेवन से सिर एवं गले के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है.
डॉक्टरों ने आगाह किया कि यदि मुंह में लंबे समय तक छाले रहना, आवाज में अचानक बदलाव होना, भोजन निगलने में कठिनाई महसूस होना, गर्दन में गांठ बनना या लगातार गले में दर्द रहने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए.
शिविर में 52 लोगों की हुई जांच, कई प्रमुख चिकित्सक रहे मौजूद
आईएमए द्वारा आयोजित इस विशेष नि:शुल्क शिविर में कुल 52 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया.
इस मौके पर डॉ. विश्व विजय सिंह, डॉ. विमलेंदु विमल, डॉ. डीके सहाय, डॉ. आरपी ठाकुर, डॉ. उमेश वर्मा, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. प्रांशु कुमार, डॉ. रामाधार तिवारी, डॉ. शिव बच्चन सिंह, डॉ. एलएम सिंह, डॉ. यूएस अरुण, डॉ. करुणेश कुमार, डॉ. हर्षवर्धन तथा डॉ. राजीव कुमार सहित कई अन्य चिकित्सक मौजूद रहे.
