बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कुमार राकेश कानन के नेतृत्व में राज्यस्तरीय कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई.
बैठक में गत 22 जुलाई को ऐतिहासिक गांधी मैदान, पटना से राजभवन तक निकाले गए रोड मार्च की सफलता पर संतोष व्यक्त किया गया. इसके साथ ही महासंघ की ओर से इसमें शामिल हुए प्रभारी प्राचार्यों, प्राचार्यों, शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट किया गया.
15 अगस्त तक अधिसूचना जारी न होने पर 5 सितंबर को होगा उग्र प्रदर्शन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 15 अगस्त तक मुख्यमंत्री द्वारा हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और विधान परिषद के सदस्यों द्वारा की गई अनुशंसा का सम्मान करते हुए अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों को वेतन और पेंशन देने की अधिसूचना जारी नहीं की जाती है, तो आगामी 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को 'शिक्षक अपमान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा.
इस निर्णय के तहत सभी वित्तरहित शिक्षाकर्मी गांधी मैदान, पटना स्थित गांधी प्रतिमा से पटना की सड़कों पर भिक्षाटन करते हुए मुख्यमंत्री आवास तक का मार्च करेंगे.
कई प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों ने किया संबोधित
बैठक को प्रदेश सचिव बांके बिहारी शर्मा, मगध विश्वविद्यालय कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. लालसा कुमारी, सचिव प्रो. संजय कुमार पांडे, नवादा जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, गया जिलाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार पांडे, प्रदेश कार्यकारी सदस्य डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रो. राधेश्याम शर्मा ने संबोधित किया.
इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मधेपुरा विश्वविद्यालय अध्यक्ष सह सीनेट सदस्य डॉ. अरविंद कुमार यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. विद्यानंद झा, सुपौल जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्र प्रकाश यादव, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. राम नरेश प्रसाद व अन्य नेताओं ने भी विचार रखे. बैठक में काफी संख्या में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे.
