गया जी से संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
Samrat Chaudhary : बोधगया के कन्वेंशन सेंटर में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सेमिनार में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया. इस उच्च स्तरीय सेमिनार में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्टों (उच्च न्यायालयों) के माननीय न्यायाधीशों, बिहार न्यायपालिका और कानून विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्य रूप से भाग लिया.
न्याय प्रणाली पर बढ़ेगा भरोसा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की पहचान हमेशा से “न्याय के साथ विकास” की रही है और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से हमारी न्याय व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी. उन्होंने रेखांकित किया कि न्यायालय, सरकार और पुलिस पूरी निष्ठा से अपना-अपना दायित्व निभा रहे हैं, लेकिन इस पूरी व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब आम जनता का न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा.
मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था समय की मांग: सीएम
मुख्यमंत्री ने बदलते परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में आधुनिक तकनीक ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है. आज के दौर में मोबाइल और सोशल मीडिया आम जनजीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं. ऐसी स्थिति में हमारी न्याय व्यवस्था को भी इन आधुनिक तकनीकों के अनुरूप खुद को विकसित करना होगा, जो कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है.
Gaya Ji News : हर तीन महीने पर होगी समीक्षा बैठक
न्यायिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सरकार और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए हर तीन महीने पर एक संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि इस नियमित बैठक के माध्यम से केस दर्ज करने, पुलिस जांच, कानूनी कार्रवाई और अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) जैसी प्रक्रियाओं में जमीनी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का त्वरित समाधान निकाला जा सकेगा.
अंत में उन्होंने पूर्ण भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार राज्य के नागरिकों को त्वरित, सुलभ और प्रभावी न्याय सुनिश्चित कराने के लिए न्यायपालिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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