rural doctors bihar: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ग्रामीण चिकित्सकों ने रविवार को गया में आयोजित 'विजय दिवस महासम्मेलन सह रजत जयंती समारोह' में एकजुट होकर सरकार से वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की. हरिदास सेमिनरी स्थित ऑडिटोरियम गैलरी में आयोजित इस सम्मेलन में बिहार के सभी 38 जिलों से हजारों ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया.
विधानसभा अध्यक्ष ने की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है और सकारात्मक सुझावों पर विचार किया जाएगा.
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
महासम्मेलन में जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एल.बी. सिंह, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, शेरघाटी विधायक उदय कुमार सिंह, जदयू प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह तथा जदयू गया जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. सभी ने ग्रामीण चिकित्सकों के योगदान की सराहना की.
सरकार के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें
सम्मेलन में संगठन की ओर से सरकार को मांग-पत्र सौंपा गया. इसमें प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को कानूनी मान्यता देने, पंजीकरण कराने, प्रत्येक वार्ड में उनकी नियुक्ति, नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था, रोगी कल्याण समिति में भागीदारी तथा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में शामिल करने की मांग की गई.
25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति के प्रदेश सचिव सह जिला अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार जया ने की. उन्होंने कहा कि संगठन पिछले 25 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है. कोरोना महामारी के दौरान ग्रामीण चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन आज भी उन्हें अपेक्षित सम्मान और कानूनी पहचान नहीं मिली है.
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने का संकल्प
सम्मेलन के अंत में सभी ग्रामीण चिकित्सकों ने गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया. संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों के समर्थन में आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा.
