Pitru Paksha Mela 2026 : गया जंक्शन को आधुनिक और विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है. करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के पुनर्विकास की योजना पर काम किया जा रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं और आधुनिक यात्री सेवाएं उपलब्ध होंगी.
भविष्य की यात्री जरूरतों के अनुसार तैयार होगा स्टेशन
स्टेशन के मौजूदा स्वरूप को बदलकर इसे भविष्य की यात्री जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. पुनर्विकास परियोजना के तहत स्टेशन परिसर में यात्री आवागमन, बैठने, प्रतीक्षा और आवाजाही से जुड़ी सुविधाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है.
6400 वर्गमीटर का एयर कॉनकोर्स बनेगा आकर्षण
गया जंक्शन (Gaya Railway Station Development) के पुनर्विकास की महत्वपूर्ण कड़ी में 6400 वर्गमीटर का एयर कॉनकोर्स शामिल है. इसके निर्माण से यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने और स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में जाने में सुविधा होगी. एयर कॉनकोर्स को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है.
लिफ्ट और एस्केलेटर से यात्रियों को राहत
स्टेशन पर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा भी विकसित की जा रही है. इससे बुजुर्ग, दिव्यांग, महिला और अधिक सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को (Gaya Railway Station) काफी राहत मिलने की उम्मीद है.
डेलहा साइड से शुरू हुआ दूसरा प्रवेश द्वार
स्टेशन के पुनर्विकास (Gaya Junction Redevelopment) के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ के दबाव को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसी क्रम में डेलहा साइड में दूसरा प्रवेश द्वार शुरू कर दिया गया है. इससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए केवल मुख्य प्रवेश द्वार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
पितृपक्ष मेले में दूसरे प्रवेश द्वार से मिलेगी सुविधा
खासकर पितृपक्ष मेला जैसे बड़े आयोजनों के दौरान गया आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है. ऐसे में डेलहा साइड का दूसरा प्रवेश द्वार यात्री दबाव को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
आधुनिक प्रतीक्षालय समेत सुविधाओं का विस्तार
गया जंक्शन के नये स्वरूप में आधुनिक प्रतीक्षालय समेत कई यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. यात्रियों के बैठने, आराम करने और स्टेशन परिसर में सुगम आवाजाही को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
परिवहन केंद्र के रूप में विकसित होगा गया जंक्शन
पुनर्विकास का उद्देश्य स्टेशन को केवल ट्रेनों के आने-जाने का स्थान नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए सुविधाजनक और व्यवस्थित परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना है.
प्लेटफॉर्म पर मेगा ब्लॉक लेकर चल रहा निर्माण
पुनर्विकास परियोजना के तहत निर्माण कार्य (Gaya Junction Air Concourse) को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर समय-समय पर मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है. मेगा ब्लॉक के दौरान संबंधित हिस्सों में निर्माण और तकनीकी कार्य तेजी से पूरे किये जाते हैं.
निर्माण के दौरान यात्रियों को हो रही असुविधा
निर्माण अवधि में यात्रियों को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि रेलवे का प्रयास है कि आवश्यक कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और परिचालन पर कम से कम प्रभाव पड़े.
पितृपक्ष से पहले प्लेटफॉर्म नंबर एक पर हट रही बैरिकेडिंग
गया में पितृपक्ष मेला शुरू होने के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए गया जंक्शन पर यात्री सुविधा और आवागमन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गयी हैं. प्लेटफॉर्म नंबर एक से बैरिकेडिंग हटाई जा रही है, ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए अधिक जगह उपलब्ध हो सके.
भीड़ नियंत्रण में मिलेगी मदद
प्लेटफॉर्म नंबर एक से बैरिकेडिंग हटाने से स्टेशन पर बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिलेगी.
पुनर्विकास और मेला व्यवस्था में संतुलन की कोशिश
गया जंक्शन का पुनर्विकास एक ओर स्टेशन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रहा है. वहीं दूसरी ओर पितृपक्ष जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान यात्रियों को सुविधा देना भी रेलवे के लिए बड़ी चुनौती है. निर्माण कार्य के साथ मेला व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.
श्रद्धालुओं और रेल यात्रियों को मिलेगी सुविधा
आने वाले समय में स्टेशन का बदला हुआ स्वरूप गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और आम रेल यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होने की उम्मीद है.
