Gayaji News : गया नगर निगम में स्वच्छता सेक्शन से जुड़ी खरीदारी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. सफाई वाहनों में लगाये जाने वाले सेनेटरी पैड बॉक्स की कीमत को लेकर सवाल उठ रहे हैं. निगम सूत्रों के अनुसार, छोटे आकार के दो बॉक्स की खरीद पर आठ हजार रुपये से अधिक की राशि खर्च होने की बात सामने आयी है. बताया जा रहा है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान सफाई वाहनों में इन बॉक्सों को लगाकर व्यवस्था प्रदर्शित करने के उद्देश्य से खरीदारी की गयी थी.
करीब 60 सफाई वाहनों में लगाये गये हैं बॉक्स
निगम सूत्रों के अनुसार, करीब 60 कचरा वाहनों में सेनेटरी पैड बॉक्स लगाये गये हैं. इस्तेमाल के बाद सेनेटरी पैड को इन बॉक्सों में डालने की व्यवस्था की गयी है. हालांकि, बॉक्स की खरीद कीमत को लेकर निगम के अंदर ही सवाल उठने लगे हैं. इस मामले ने पहले से विवादों में रहे स्वच्छता सेक्शन की खरीद प्रक्रिया को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.
दुकानदार ने कहा- 500 से 600 रुपये में बन जायेगा बॉक्स
बाजार के एक दुकानदार विजय मिस्त्री ने बॉक्स की कीमत पर आश्चर्य जताया. उनका कहना है कि जिस गुणवत्ता का यह बॉक्स दिख रहा है, उसे करीब 500 से 600 रुपये में तैयार किया जा सकता है. अधिकतम कीमत भी करीब एक हजार रुपये तक हो सकती है. ऐसे में प्रति दो बॉक्स आठ हजार रुपये से अधिक की कीमत को उन्होंने काफी अधिक बताया.
पहले भी पेंटिंग के नाम पर लाखों खर्च का लगा था आरोप
नगर निगम के स्वच्छता सेक्शन पर खरीदारी और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. हाल में बोर्ड और स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में पेंटिंग के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये जाने को लेकर हंगामा हुआ था. मेयर, स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों और पार्षदों ने सहायक स्वच्छता पदाधिकारी पर मनमाने तरीके से काम करने के आरोप लगाये थे. कुछ कर्मचारियों को बोर्ड और स्टैंडिंग कमेटी की अनुमति के बिना नियुक्त करने का आरोप भी बैठक में लगाया गया था. मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था.
स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों ने की खरीद की जांच की मांग
स्टैंडिंग कमेटी सदस्य सारिका वर्मा और उपेंद्र कुमार सिंह ने सेनेटरी पैड बॉक्स की खरीद की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने बताया कि निगम से मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक बॉक्स का भुगतान नहीं किया गया है. बताया गया कि बॉक्स की कीमत को लेकर उपनगर आयुक्त को संदेह हुआ, जिसके बाद संबंधित फाइल को रोक दिया गया है. सदस्यों ने कहा कि निगम में इस तरह की मनमानी खरीद पर रोक लगाना जरूरी है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए.
