गया जी में 200 किमी बिजली लाइनों का होगा आधुनिकीकरण, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से मिलेगी राहत

Gaya Ji News : गया अंचल में 200 किमी 33 केवी विद्युत लाइनों का आधुनिकीकरण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. इससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी और ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिलेगी.

Gaya Ji News : गया जी में विद्युत आपूर्ति गया अंचल के अंतर्गत विद्युत वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से लगभग 200 किलोमीटर 33 केवी विद्युत लाइनों के आधुनिकीकरण (रिकंडक्टरिंग) का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है. इस योजना के तहत पुराने एवं जर्जर कंडक्टरों को नए उच्च क्षमता वाले कंडक्टरों से बदला जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. विद्युत कार्यपालक अभियंता (परियोजना) पवन कुमार ने बताया कि यह कार्य विद्युत आपूर्ति गया अंचल के अंतर्गत कुल 18 महत्वपूर्ण 33 केवी विद्युत लाइनों पर किया जा रहा है.

इन 18 प्रमुख बिजली लाइनों पर काम जारी

इनमें मेडिकल, पीएसएस-चेरकी, शेरघाटी जीएसएस-गुरुआ, डोभी-शोभ, इमामगंज, बोधगया-मानपुर (ओल्ड एवं न्यू), हुलासगंज-खिजरसराय, राजगीर-बथानी, मानपुर-गेरे, चंदौती-मेडिकल, चंदौती-पंचायती अखाड़ा, चंदौती-बूचरी ग्राउंड, बेलागंज, पाइबिगहा, चाकंद तथा रफीगंज-गुरारू सहित अन्य प्रमुख 33 केवी लाइनें शामिल हैं. उन्होंने बताया कि निर्धारित 18 कार्यों में से छह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं और इन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा.

ट्रिपिंग से मिलेगी राहत और बढ़ेगी आपूर्ति की विश्वसनीयता

उन्होंने कहा कि इस आधुनिकीकरण के बाद बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही ग्राउंड क्लीयरेंस संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान होगा. इससे विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध होगी. इसके साथ ही, अंचल अंतर्गत उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए स्टेट प्लान योजना के तहत पिछले छह महीनों में 10 नई 33 केवी विद्युत लाइनों का निर्माण कर लगभग 130 किलोमीटर नेटवर्क की स्थापना एवं सफलतापूर्वक चार्जिंग का कार्य पूरा किया गया है.

इनमें भोरे जीएसएस–गेरे पीएसएस, गेरे पीएसएस-मानपुर पीएसएस, बाराचट्टी न्यू जीएसएस-बरवाडीह पीएसएस, बाराचट्टी न्यू जीएसएस-धंगई पीएसएस, बाराचट्टी न्यू जीएसएस-काहूदाग (बरवाडीह), बाराचट्टी न्यू जीएसएस-काहूदाग (मोहनपुर), बरवाडीह पीएसएस-मोहनपुर पीएसएस, टेकारी जीएसएस-परैया पीएसएस तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी पीएसएस-प्रेतशिला पीएसएस शामिल हैं. पैमार से टंकुप्पा लाइन पूर्ण होने से क्षेत्र में दो स्रोतों से बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी.

नए लाइनों के निर्माण के बाद अब 11 केवी का होगा कार्य

इन नई लाइनों के चालू होने से विद्युत आपूर्ति की क्षमता में वृद्धि तथा विभिन्न क्षेत्रों में लोड प्रबंधन और आपूर्ति की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत हुई है. विद्युत अधीक्षण अभियंता संदीप प्रकाश ने बताया कि 33 केवी लाइनों के रिकंडक्टरिंग एवं नए लाइन के निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद चरणबद्ध तरीके से शेष 11 केवी एवं एलटी (लो टेंशन) विद्युत लाइनों का भी रिकंडक्टरिंग किया जाएगा. इससे पूरे विद्युत वितरण नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा ऊर्जा विभाग की उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.


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