गया जी के मानपुर प्रखंड अंतर्गत भोरे गांव निवासी लोहिया स्वास्थ्य बिहार अभियान में वार रूम कर्मी पद पर काम करने वाले राजीव कुमार दास के परिवार बकाया मानदेय नहीं मिलने पर भूखमरी कगार पर पहुंच गई है.
राजीव मोहड़ा प्रखंड में वार रूम कर्मी संविदा पद पर कार्यरत थे. उसका बकाया पैसा को लेकर बीडीओ से लेकर डीडीसी सह जिला जन स्वास्थ्य विभाग के उपाध्यक्ष तक कार्यालय का चक्कर लगा-लगा कर थक चुका है. राजीव ने डीएम के पास भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी, लेकिन अबतक कोई सफलता नहीं मिली.
बीडीओ मोहड़ा ने बताया कि राजीव को प्रति माह 6,760 रुपया मानदेय दिया जाता था और उसकी अनुमति डीडीसी से मिलती थी. राजीव का बकाया जुलाई 2021 से जनवरी 2022 तक का है.
उसने डीडीसी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि राजीव ने पंचायतों में जानकार आरईपीयूएसएच (REPUSH) वाले खाता धारकों का खाता खुलवाया व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में प्रखंड में सरकारी कार्य में मदद किया.
अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित कर्मी
इधर, पीड़ित वार रूम कर्मी ने बताया कि मेरा बकाया मानदेय नहीं मिलने से परिवार के साथ गंभीर आर्थिक तंगी आ गई है. लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद अभी तक भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है, जिससे परिवार के समक्ष भरण-पोषण का संकट गहराता जा रहा है.
