मगध विश्वविद्यालय में छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शुक्रवार को कुलपति कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. इस बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो प्रमोद कुमार चौधरी, वार्डन प्रो मुकेश कुमार और विभिन्न छात्रावासों के अधीक्षक डॉ राकेश कुमार रंजन, डॉ अनूप कुमार भारद्वाज, डॉ श्वेता गोयल एवं डॉ पिंटू कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
शोधार्थियों के लिए ऐतिहासिक निर्णय
इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय पीएचडी कर रहे शोधार्थियों के हित में लिया गया. विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार यह तय किया गया है कि अब शोधार्थियों को भी छात्रावास की सुविधा प्रदान की जाएगी, जबकि इससे पूर्व उनके लिए ऐसी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी.
10 प्रतिशत सीटों का आवंटन
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विभाग से कुल पीएचडी नामांकन के 10 प्रतिशत शोधार्थियों को छात्रावास आवंटित किया जाएगा. इस आवंटन प्रक्रिया में जेआरएफ प्राप्त शोधार्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जायेगी.
पारदर्शी प्रक्रिया की रूपरेखा
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह रूपरेखा तय की गई है कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर इन 10 प्रतिशत पात्र छात्रों की सूची तैयार करेंगे और उसे सीधे छात्रावास अधीक्षकों को भेजेंगे.
शोध कार्य को मिलेगा बढ़ावा
विश्वविद्यालय प्रशासन का यह ऐतिहासिक कदम शोध कार्य को बढ़ावा देने और शोधार्थियों को एक बेहतर एवं सुलभ शैक्षणिक माहौल प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.
