मगध मेडिकल हॉस्पिटल के NICU में वीडियो बनाने को लेकर हंगामा, डॉक्टरों और युवक के बीच हुई बहस

Magadh Medical Hospital : मगध मेडिकल अस्पताल के शिशु रोग विभाग के एनआईसीयू में वीडियो शूटिंग को लेकर विवाद हो गया. अस्पताल कर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए आपत्ति जताई, जिसके बाद हंगामे की स्थिति बन गई.

Magadh Medical Hospital : अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल के शिशु रोग विभाग के एनआइसीयू (NICU) में रविवार की सुबह उस वक्त अचानक हंगामा होने लगा, जब एक मरीज के परिजन और तथाकथित यू-ट्यूबर अंदर का वीडियो शूट करने लगे. बताया जाता है कि जिस वक्त यह वीडियो बनाया जा रहा था, उस वक्त वार्ड के अंदर कई प्रसूता महिलाएं अपने नवजात बच्चों को दूध पिला रही थीं.

इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए वहां ड्यूटी पर तैनात अस्पताल के कर्मचारी पूरी तरह भड़क गए. कर्मचारियों के टोकने पर वीडियो शूट करने वाला व्यक्ति काफी तेज आवाज में बात करते हुए हंगामा करने लगा.

डॉक्टर ने युवक को समझाया

हंगामा कर रहे युवक का आरोप था कि इस अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान करने के बावजूद समय पर मरीजों को खून उपलब्ध नहीं कराया जाता है. इसके साथ ही उसने बच्चों का ढंग से इलाज नहीं होने का भी आरोप लगाया. वार्ड में हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद डॉक्टर ने युवक को समझाते हुए कहा कि यहां पर सभी नवजात बच्चों का बहुत बढ़िया से ख्याल रखा जाता है.

किसी भी बच्चे को कोई दिक्कत होने पर तुरंत ही यहां 24 घंटे मौजूद डॉक्टर देखने पहुंचते हैं. हालांकि, इसके बाद भी युवक डॉक्टरों की कोई भी बात मानने को तैयार नहीं हो रहा था.

स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर अंदर घुसा युवक

इधर, इस पूरे मामले के संबंध में शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रवींद्र कुमार ने बताया कि युवक ने बिना किसी से अनुमति लिए और बिना पूछे स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पूरी तरह उल्लंघन किया. वह बाहर से चप्पल पहनकर सीधे एनआइसीयू के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में अंदर चला गया और वीडियो बनाने लगा.

Gaya Ji News : नवजात शिशुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

विभागाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों को नहीं रोकने की बात कही है और अस्पताल प्रबंधन इसका पूरी तरह पालन कर रहा है. लेकिन, अस्पताल के चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन नवजात मरीजों के जीवन की रक्षा के लिए अनिवार्य रूप से कराया जाता है.

वीडियो बनाना उचित नहीं

विभागाध्यक्ष ने आगे कहा कि एनआइसीयू में हर वक्त नवजात बच्चों की माताएं उन्हें दूध पिलाने पहुंचती हैं. ऐसी संवेदनशील स्थिति में वहां इस प्रकार वीडियो शूट करना किसी भी दृष्टिकोण से उचित प्रतीत नहीं होता है.

सुरक्षा गार्ड ने किया बाहर

उन्होंने जानकारी दी कि बाद में किसी तरह सुरक्षा गार्ड को बुलाकर उक्त युवक को वार्ड से बाहर किया गया. नवजात बच्चों की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए आम लोगों को भी अस्पताल प्रबंधन का साथ देना चाहिए. उन्होंने यह भी साफ किया कि ब्लड बैंक से लेट से खून मिलने का मामला उनके विभाग से जुड़ा हुआ नहीं है.

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By Jitendra mishra

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