शेरघाटी से नवीन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
LLB Student Divya Murder Case : गया जिले के डोभी प्रखंड (अक्षमा गांव) की रहने वाली और शेरघाटी सिविल कोर्ट में एक अधिवक्ता के यहां मुंशी के रूप में कार्यरत 24 वर्षीय एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी पासवान पिछले चार दिनों से लापता थी, जिसका अब शव बरामद हुआ है.
गवाही से पहले हत्या का आरोप
इस जघन्य हत्याकांड के बाद यह मामला अब केवल एक युवती की मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुराने मुकदमों, अदालत में होने वाली उसकी प्रस्तावित गवाही और पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. परिजनों का सीधा आरोप है कि जिस युवती को एक पुराने दुष्कर्म के मामले में अदालत के समक्ष अपनी गवाही दर्ज करानी थी, उसकी सोची-समझी रणनीति के तहत संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है.
प्रेमी के बुलावे से घर से निकली थी
डोभी थाना क्षेत्र के अच्छमा गांव की निवासी दिव्या कुमारी बीते 24 जून से अचानक लापता हो गई थी. परिजनों के अनुसार, वह अपने प्रेमी राहुल कुमार यादव के बुलावे पर घर से निकली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और वह वापस घर नहीं लौटी.
पुलिस ने शिकायत को नहीं लिया गंभीरता से
काफी खोजबीन करने के बाद जब दिव्या का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार के सदस्य 26 जून को न्याय की गुहार लेकर शेरघाटी थाना पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उस समय उनकी शिकायत को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें थाने से वापस लौटा दिया.
माइंस के पानी भरे गड्ढे से मिला शव
यह मामला उस समय और अधिक गंभीर हो गया, जब शुक्रवार को पड़ोसी राज्य झारखंड के चतरा जिले अंतर्गत हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो गांव के पास एक पुरानी खदान (माइंस) के पानी से भरे गड्ढे से एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ. शव की पहचान न होने के कारण स्थानीय पुलिस ने उसे सुरक्षित रखवा दिया था. शनिवार को चतरा पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर शव की शिनाख्त दिव्या कुमारी के रूप में की.
आरोपी पहले से ही था शादीशुदा
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दिव्या और राहुल कुमार यादव के बीच पिछले लंबे समय से प्रेम-प्रसंग (अफेयर) चल रहा था. दिव्या लगातार राहुल पर शादी करने का दबाव बना रही थी, लेकिन राहुल उससे शादी करने से कतरा रहा था. परिजनों के अनुसार, आरोपी राहुल पहले से ही शादीशुदा था और उसके बच्चे भी हैं. इसी बात को लेकर दोनों के बीच काफी समय से गहरा विवाद चल रहा था.
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परिजनों के मुताबिक, करीब दो वर्ष पहले दिव्या ने राहुल के खिलाफ शेरघाटी थाने में मामला दर्ज कराया था. इसके अलावा, डोभी थाने में भी आरोपी के खिलाफ एक अन्य मुकदमा दर्ज होने की बात कही जा रही है.
1 जुलाई को कोर्ट में होनी थी सुनवाई
परिजनों का कहना है कि आरोपी राहुल के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में आगामी 1 जुलाई को अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई और दिव्या की गवाही प्रस्तावित थी. ऐसे में गवाही की तारीख से ठीक पहले दिव्या का संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होना और बाद में उसका शव बरामद होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है.
गवाही से पहले हत्या की साजिश का आरोप
परिवार का आरोप है कि अदालत में होने वाली इस गवाही को पूरी तरह प्रभावित करने और खुद को बचाने के उद्देश्य से ही आरोपी ने साजिश के तहत दिव्या को मिलने बुलाया और उसकी हत्या कर दी.
परिजनों का आरोप
मृतका की मां उर्मिला देवी और अन्य परिजनों ने पुलिस पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे बेटी के लापता होने की शिकायत लेकर शेरघाटी थाना पहुंचे थे, उस दौरान मुख्य आरोपी राहुल भी थाने में ही मौजूद था.
थाना परिसर में ही दी थी धमकी
परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने थाना परिसर के भीतर ही दिव्या की मां और बहन के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें खुलेआम धमकियां दीं, लेकिन वहां ड्यूटी पर तैनात ओडी (Officer on Duty) पुलिस पदाधिकारी ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. परिवार का यह भी आरोप है कि आरोपी का शेरघाटी थाना में लगातार आना-जाना लगा रहता था, जिसके कारण ही पुलिस ने उनकी शुरुआती शिकायत को तवज्जो नहीं दी.
सभी पहलुओं की बारीकी से जांच
इन गंभीर आरोपों पर शेरघाटी के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर पूर्व में मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस अपने स्तर से लगातार आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही थी. वहीं, दूसरी तरफ हंटरगंज के थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस इस हत्याकांड के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है.
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CDR खंगालने में जुटी पुलिस
मृतका और आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को खंगाला जा रहा है तथा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल, इस घटना ने जहां एक परिवार को कभी न भूलने वाला गहरा सदमा दिया है, वहीं पुलिस की संवेदनशीलता और गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी एक गंभीर बहस छेड़ दी है.
शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम
दिव्या का शव जैसे ही उसके पैतृक घर पहुंचा, पूरे गांव में कोहराम मच गया. मृतका की मां, बहन सहित परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है. बिलखते परिजनों ने बताया कि दिव्या पढ़ाई में बेहद होनहार और कानून (एलएलबी) की छात्रा थी. उसके माता-पिता अत्यंत गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी करके उसे आगे पढ़ा रहे थे. वह काफी परिश्रमी थी और इन दिनों शेरघाटी कोर्ट में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ रहकर वकालत की बारीकियां सीख रही थी.
पुलिस गाड़ी के इस्तेमाल का सनसनीखेज आरोप
इसी बीच, परिजनों ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाला एक और बड़ा आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि दिव्या को थाने के ही किसी स्टाफ की चार पहिया वाहन (गाड़ी) से घटना वाले दिन यहां से ले जाया गया था. हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए जा रहे इस बेहद गंभीर आरोप में कितनी सत्यता है, यह पूरी तरह से पुलिस की उच्च स्तरीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है.
