भारतीय स्वाधीनता के लिए मात्र 18 वर्ष की आयु में भारतवर्ष की स्वतंत्रता के लिए फांसी पर चढ़ने वाले महान क्रांतिवीर योद्धा खुदीराम बोस का 98वां शहादत दिवस चौक स्थित राजेंद्र टावर के पास मनाया गया. सर्वप्रथम खुदीराम बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया.
कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस पार्टी के नेता
कार्यक्रम में विजय कुमार मिट्ठू, शिव कुमार चौरसिया, श्रीकांत शर्मा, प्रद्युम्न दुबे, बाबूलाल प्रसाद सिंह, टिंकू गिरी, राम प्रमोद सिंह सहित कांग्रेस पार्टी से जुड़े कई अन्य लोग शामिल थे.
मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में फांसी और ऐतिहासिक योगदान
इन नेताओं ने कहा कि मुजफ्फरपुर के जिला जज किंग्सफोर्ड की बग्गी पर बम फेंकने के जुर्म में उन्हें 18 वर्ष की आयु में मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में फांसी दी गई थी.
इसके बाद पूरे देश में देशभक्ति की लहर उमड़ पड़ी थी. उनके साहसिक योगदान को अमर करने के लिए गीत रचे गए और उनके बलिदान लोकगीत के रूप में मुखरित हुए.
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छात्र-युवा आंदोलन और वर्तमान परिदृश्य
इन नेताओं ने कहा कि देश में विगत कुछ महीनों से छात्रों में शिक्षा सुधार के प्रति उबाल है, छात्र-युवा आंदोलित हैं.
