Gaya Ji News : गया जी जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्मेलन के उपसभापति खालिक हुसैन परदेसी ने की. इस अवसर पर वार्ड पार्षद धर्मेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकारों ने भाग लिया.
साहित्यकारों ने बताया गुरु का महत्व
गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने गुरु की महिमा और उनके योगदान पर विस्तार से अपने विचार रखे. साहित्यकार अरविंद कुमार ने कहा कि गुरु वही हैं, जो अपने शिष्य को सही मार्ग दिखाते हैं. उन्होंने कहा कि गुरु जीवन के मेरुदंड होते हैं और व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
गुरु के बिना ज्ञान अधूरा
साहित्यकार उदय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है. वहीं सुभाष चंद्र बोस उर्फ मनीष कुमार ने कहा कि गुरु की महिमा अपरंपार है और उनके मार्गदर्शन से ही जीवन को सही दिशा मिलती है.
मां को बताया पहला गुरु
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद धर्मेंद्र कुमार ने जीवन में चार प्रकार के गुरुओं के महत्व पर प्रकाश डाला. वहीं उपसभापति खालिक हुसैन परदेसी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की पहली गुरु उसकी माता होती हैं, जो उसे जीवन के प्रारंभिक संस्कार और शिक्षा प्रदान करती हैं.
धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में सम्मेलन के महामंत्री सुमंत ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया. धन्यवाद ज्ञापन के साथ गोष्ठी का समापन हुआ.
