गया जी में निगमकर्मियों की हड़ताल का पांचवां दिन, शहर में पसरा कचरा; विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मंत्री से की बात

Gaya Ji Municipal Workers Strike : गया जी में निगमकर्मियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी है, जिससे शहर में साफ-सफाई पूरी तरह ठप पड़ गई है. सोमवार की बारिश के बाद स्थिति और बदतर हो गई है, जिससे श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है. विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इस मामले में हस्तक्षेप कर मंत्री से बात की है.

Gaya Ji Municipal Workers Strike : गया जी में निगमकर्मियों का पांचवें दिन भी हड़ताल जारी रहा है. शहर में साफ-सफाई का काम पूरी तौर से ठप है. सोमवार की सुबह हुई बारिश के बाद अब स्थिति और बदतर हो गयी है. सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं को पूजा करने के लिए मंदिर के गेट तक कचरे से होकर ही जाना पड़ा है.

सरकार की ओर से हड़ताल समाप्त करने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है. यूनियन नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि नगर विधायक सह विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से मुलाकात कर सभी मांगों को रखा गया है. उनकी ओर से सभी मांगों को सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया गया है.

इधर, सोमवार को अध्यक्ष बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार ने सर्किट हाउस सभागार में नगर आयुक्त डॉ. गगन, अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार रमन और नगर निगम कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सफाई कर्मियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर विस्तार से चर्चा की. बैठक के दौरान ही अध्यक्ष बिहार विधानसभा ने नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री से दूरभाष पर वार्ता की.

उन्होंने कर्मचारी यूनियन की प्रमुख तीन सूत्री मांगों से मंत्री को अवगत कराते हुए इन समस्याओं के शीघ्र समाधान एवं सकारात्मक पहल करने को कहा है. मंत्री ने मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया.

यूनियन नेताओं द्वारा रखी गई प्रमुख मांगे

बैठक में कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष संजीत सिंह व कुमार जितेंद्र ने दैनिक सफाई कर्मियों की समस्याओं को रखते हुए मांग की कि उन्हें अविलंब ईएसआईसी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए. साथ ही, आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करने, अर्जित अवकाश (ईएल) एवं आकस्मिक अवकाश (सीएल) की सुविधा देने, साप्ताहिक अवकाश लागू करने, कार्य के दौरान घायल होने पर निजी अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में वेतन भुगतान की गारंटी देने की मांग की.

लंबे समय से लंबित हैं सफाई कर्मियों की मांगे

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मियों की ओर से उठाई गई अधिकांश मांगे नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से लंबित हैं. वर्तमान व्यवस्था में ये कर्मी एनजीओ के माध्यम से कार्यरत हैं. इसके कारण कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं.

इसके बावजूद सरकार इनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि लगभग दो दशक पहले कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए बार-बार हड़ताल का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद गरीब, वंचित एवं निचले स्तर के कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य किए गए हैं.

सरकार सफाई कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.

सप्तम वेतन और समस्याओं के समाधान के निर्देश

विस अध्यक्ष ने नगर आयुक्त को कहा कि हड़ताल समाप्त होने के बाद स्थानीय कर्मचारियों के सप्तम मानदेय पर विभाग को अवगत कराएं, साथ ही इनकी माँगों पर अलग से विस्तृत बैठक कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें.

बैठक में उपस्थित अधिकारी एवं प्रतिनिधि

इस बैठक में लेखा पदाधिकारी गौतम कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार व चंदन कुमार सहित कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.

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By Jitendra Mishra

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