गया का पुलिस लाइन इलाका बना डेंगू का हॉटस्पॉट, चार लोग पीड़ित

पिछले सीजन की तरह इस बार भी गया का पुलिस लाइन डेंगू का हॉटस्पॉट बन गया है. स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए सभी तैयारियां करने का दावा कर रहा है. लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो इस महीने डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 तक पहुंच गई है

Dengue In Bihar : गया में इस माह डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 पहुंच गयी है. फिलहाल, एक मरीज का इलाज एएनएमएमसीएच के डेंगू के स्पेशल वार्ड में चल रहा है. इसके अलावा एक मरीज चिकनगुनिया का भी सामने आ चुका है. पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष भी पुलिस लाइन एरिया डेंगू बीमारी के लिए हॉट-स्पॉट बन गया है. यहां से इस माह चार मरीज सामने आ चुके हैं. इसके बाद भी नगर निगम की सक्रियता नहीं दिख रही है.

स्वास्थ्य विभाग कर रहा है सारी तैयारियां पूरी करने का दावा

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही डेंगू के हॉट स्पॉट के रूप में पुलिस लाइन, मगध कॉलोनी, विष्णुपद मंदिर तथा मगध मेडिकल कॉलेज के आसपास के क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है. यहां पर बीते वर्ष में डेंगू के मामले सामने आये थे. इस वर्ष का आंकड़ा देखा जाये, तो 37 मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आ चुकी है. स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से इससे निबटने की सारी तैयारियों करने का दावा पहले से कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि ग्रामीण इलाके में फॉगिंग व दवा छिड़काव की व्यवस्था करेंगे. शहरी क्षेत्र में निगम को जिम्मेदारी संभालनी है. इस बीमारी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि घर के आसपास व अंदर में साफ-सफाई रखें और मच्छरदानी का प्रयोग करें. 

जिले के अस्पतालों में मरीज के लिए बेड आरक्षित

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पीएचसी व सीएचसी में पांच-पांच बेड, अनुमंडल अस्पताल में 10 बेड, जिला अस्पताल में पांच बेड, एएनएमएमसीएच में 100 बेडों के अलावा कई प्राइवेट अस्पतालों में भी बेडों को सुरक्षित रखा गया है. 

घरों में पानी नहीं होने दें जमा

माॅनसून के समय डेंगू का प्रकोप बढ़ जाता है. डेंगू संक्रमित मादा मच्छरों, मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से इंसान में फैलता है. इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं. डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर के जोड़ों और आंखों में दर्द, मतली और दाने होते हैं. अमूमन यह एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाता है. लेकिन, कई लोगों को गंभीर रूप से डेंगू होता है. इससे जान को खतरा भी हो जाता है. डेंगू के मच्छर छत पर रखे खुले टैंक, ड्रम, बैरल और इसी तरह के बर्तनों में जमा पानी में पनपते हैं.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खुले बर्तन, गमला या टायर आदि में पानी जमा नहीं होने दें. डेंगू मच्छर के काटने से बचने के लिए पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें. मच्छरों के अधिक होने के समय जैसे सुबह व शाम में बाहर जाने से बचें. घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें. मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. पानी में मच्छर मारने वाली दवा का इस्तेमाल करें.

निगम को बार-बार दी जा रही रिपोर्ट

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एमइ हक ने बताया कि पुलिस लाइन पिछले बार की तरह इस बार भी हॉट-स्पॉट बन गया है. नगर निगम के विभाग को भी पुलिस लाइन के डेंगू को लेकर हॉट-स्पॉट बनने की सूचना दी जा रही है. शहरी क्षेत्र में नगर निगम को ही फॉगिंग व दवा का छिड़काव की जिम्मेदारी दी जा चुकी है. ताकि, यहां लोगों को डेंगू से बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि मंगलवार को एक बार फिर से नगर निगम को सूचना दे दी जायेगी. डॉ हक ने बताया कि डेंगू के मामले में चिकित्सीय परामर्श के साथ दवा लें. डेंगू के गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराएं.

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फॉगिंग और दवा का छिड़काव नहीं

पुलिस लाइन डेंगू के लिए पिछले सीजन की तरह इस बार भी हॉट-स्पॉट बन गया है. नगर निगम की ओर से इस बार एक बार भी फॉगिंग या दवा का छिड़काव नहीं किया गया है. शायद, नगर निगम बार-बार सूचना देने के बाद ही काम शुरू करेगा. मंगलवार को इस संबंध में अधिकारी से बात की जायेगी. स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार अब तक इस माह यहां से चार मरीज सामने आ चुके हैं. नगर निगम जल्द नहीं जागा, तो मरीजों की संख्या और बढ़ती ही जायेगी. 

ओमप्रकाश सिंह, पार्षद, वार्ड नंबर-33

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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