Gaya Pitru Paksha Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध गया पितृपक्ष मेला 2026 की तारीख तय हो गई है. इस वर्ष 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पिंडदान के लिए गया पहुंचेंगे. मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है. डीएम शशांक शुभंकर ने 21 कोषांगों का गठन कर सभी विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है.
Gaya Pitru Paksha Mela 2026 : गया में 25 सितंबर से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला
जानकारी अनुसार गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा. इस दौरान देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के मोक्ष की कामना के साथ पिंडदान और तर्पण करने के लिए गया पहुंचेंगे. मेले के सफल आयोजन को लेकर जिला परिषद सभागार में डीएम शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई.
मेले की तैयारियों के लिए 21 कोषांगों का गठन
मेले के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने 21 कोषांगों का गठन किया है. प्रत्येक कोषांग के लिए वरीय नोडल पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी और सदस्यों की जिम्मेदारी तय की गई है. सभी विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है. डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
Gaya Ji News: प्रशासन ने आम लोगों से मांगे सुझाव
डीएम ने बताया कि पिछले वर्ष पिंडदानियों ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की थी. इस बार मेले को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन आम लोगों के सुझाव भी ले रहा है. नागरिक अपने सुझाव ppmhasangam@gmail.com ई-मेल पर भेज सकते हैं. उपयोगी सुझावों को तैयारियों में शामिल करने पर भी विचार किया जाएगा.
जर्जर भवनों में श्रद्धालुओं को ठहरने की नहीं मिलेगी अनुमति
प्रशासन ने आवासन कोषांग को निर्देश दिया है कि होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, विद्यालय, महाविद्यालय और अन्य चिन्हित भवनों में श्रद्धालुओं के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. आवश्यकता पड़ने पर टेंट सिटी भी विकसित की जाएगी. सभी आवासन स्थलों पर बिस्तर, चादर, पंखा, पेयजल, प्रकाश, शौचालय और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी. महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे. डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी जर्जर भवन को आवासन स्थल के रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा.
सफाई, पेयजल और बिजली व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्गों, घाटों, वेदियों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई कराई जाएगी. खुले नालों और मैनहोल की मरम्मत के साथ पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान लगाए जाएंगे. प्रत्येक 200 से 500 मीटर की दूरी पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होगी. पुराने चापाकलों की मरम्मत, मोबाइल शौचालय, पानी के टैंकर और सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी. इसके अलावा खराब ट्रांसफॉर्मर, जर्जर बिजली तार और पोल की मरम्मत कर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट तथा हाइमास्ट लाइट भी लगाई जाएंगी.
सुरक्षा, ट्रैफिक और डिजिटल सुविधाएं होंगी और मजबूत
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा. पार्किंग स्थल, पुलिस सहायता केंद्र और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा. मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे.
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
पूरे मेले की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी. इसके साथ ही मेला वेबसाइट और मोबाइल एप को अपडेट किया जाएगा, जिसमें आवासन, स्वास्थ्य, परिवहन, संपर्क सूत्र और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी. सोशल मीडिया, रेडियो और अन्य माध्यमों से भी मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा.
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