खिजरसराय गयाजी से अमिताभ रजन की रिपोर्ट
Gaya Ji News: खिजरसराय के देवगांव में प्रस्तावित टेक्नोलॉजी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिला प्रशासन कार्यक्रम को सफल एवं सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है. गया के डीएम शशांक शुभंकर खुद सभी तैयारियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं और कार्यक्रम स्थल का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं.
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, बाना मोड़ से सभा स्थल तक बैरिकेडिंग
कार्यक्रम स्थल पर नीमचक बथानी के एसडीओ केशव आनंद, डीएसपी सुरेंद्र सिंह सहित अनुमंडल क्षेत्र के तमाम प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में जुटे हुए हैं. तैयारियों की समीक्षा को लेकर लगातार प्रशासनिक बैठकों का दौर भी जारी है. सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए खिजरसराय के बाना मोड़ से लेकर मुख्य सभा स्थल तक पुख्ता बैरिकेडिंग कर दी गई है.
CM सुरक्षा सेल मुस्तैद, हेलीपैड और मंच की हुई जांच
सीएम की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सुरक्षा सेल के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं. सुरक्षा अधिकारियों ने सभा स्थल, मुख्य मंच तथा आसपास के पूरे क्षेत्रों की मेटल डिटेक्टर एवं अन्य आधुनिक उपकरणों से गहन जांच-पड़ताल की है. इसके अलावा नवनिर्मित हेलीपैड परिसर की भी विशेष रूप से सुरक्षा जांच की गई. मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मियों ने मंच और उसके आसपास के पूरे संवेदनशील क्षेत्र की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है.
सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव
सभा स्थल तक आने वाले सभी प्रमुख मार्गों को चमकाया जा रहा है. सड़कों पर झाड़ू लगाकर सफाई कराई जा रही है तथा वीआईपी मूवमेंट के दौरान धूल न उड़े, इसके नियंत्रण के लिए पानी का लगातार छिड़काव किया जा रहा है. कार्यक्रम स्थल पर जेसीबी एवं अन्य आधुनिक मशीनों की मदद से निर्माण और समतलीकरण के कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
तीन हजार जीविका दीदियों के जुटने की संभावना, स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट
इस भव्य कार्यक्रम में लगभग तीन हजार जीविका दीदियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है. इसे देखते हुए जीविका विभाग के अधिकारी और कर्मी भी अपनी तैयारियों को पूरा करने में लगे हुए हैं. इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से अलर्ट मोड में रखा गया है और एम्बुलेंस व डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी.
