Gaya Bhaghar Village Flood (निर्भय पांडेय) : गया जी जिले के नगर पंचायत इमामगंज का सुदूरवर्ती भगहर गांव बरसात आते ही मानो देश-दुनिया से कट जाता है. चारों ओर नदियों का पानी घिरने के बाद गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है. ऐसे में ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाना होती है.
तीन नदियों से घिरा है गांव
भगहर गांव चारों ओर से सोरहर, मोरहर और लब्जी नदी से घिरा हुआ है. नदी में पानी बढ़ने के बाद गांव से सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं बचता.
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में भगहर गांव के लोगों की जिंदगी हर साल इसी तरह मुसीबत में गुजरती है और वे भगवान भरोसे जीने को मजबूर हैं.
जान जोखिम में डालकर पहुंचाया अस्पताल
सोमवार की शाम भगहर गांव निवासी विनोद प्रसाद की 18 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी की तबीयत उल्टी और दस्त से अचानक बिगड़ गई.
नदी में जलस्तर अधिक होने के कारण परिजन पहले घर पर ही इलाज कर रहे थे. हालत ज्यादा खराब होने पर ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर नदी पार कर उसे इमामगंज अस्पताल पहुंचाया.
जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से नदी पर सुरक्षित पुल बनाने की मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला.
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हर बरसात में नदी का पानी बढ़ते ही भगहर गांव के लोगों के सामने बीमारी और मुसीबत के समय बाहर निकलने का वही पुराना सवाल खड़ा हो जाता है.
इलाज के अभाव में गई जान
ग्रामीणों के अनुसार 30 जुलाई वर्ष 2025 को भगहर गांव टोला टीयर की 65 वर्षीय विपती देवी की तबीयत खराब होने के बाद रास्ते बंद होने से समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई थी. इसके पूर्व भी इसी गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की नदी में बह जाने से मौत हो चुकी है.
