Ganga-Sutlej Express Fire : मानपुर–गया रेलखंड पर बुधवार देर रात करीब 1:20 बजे फिरोजपुर–धनबाद गंगा सतलज एक्सप्रेस के एक कोच से धुआं निकलने की सूचना रेलवे कंट्रोल को मिली. सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया और ट्रेन के गया जंक्शन पहुंचते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया.
एस-5 कोच के इलेक्ट्रिक कपलर के पास लगी थी आग
जांच के दौरान पता चला कि ट्रेन के एस-5 कोच के इलेक्ट्रिक कपलर के पास आग लगी थी. आग फैलने से पहले ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से उस पर काबू पा लिया. इसके बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने संबंधित हिस्से की गहन जांच की, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो.
रेलवे, आरपीएफ और अग्निशमन विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी और अन्य रेलकर्मी मौके पर पहुंच गए. जिला अग्निशमन विभाग की टीम ने भी गया जंक्शन पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पूरी सतर्कता के साथ आग बुझाने की प्रक्रिया पूरी की. अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए.
कुछ देर के लिए मची अफरा-तफरी
आग की सूचना मिलते ही ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. कई यात्री एहतियातन अपने कोच से बाहर निकल आए. हालांकि रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने यात्रियों को शांत कराया और बताया कि आग पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई है. इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली.
तकनीकी कारण की आशंका, जांच जारी
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर विस्तृत जांच की. प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिक कपलर के पास तकनीकी कारण से आग लगने की आशंका जताई गई है. रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञ संबंधित उपकरणों की जांच कर आवश्यक मरम्मत की प्रक्रिया में जुट गए हैं. आग लगने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.
मौके पर मौजूद रहे कई अधिकारी
राहत एवं बचाव कार्य के दौरान जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिंह, सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी नवीन सिंह, मोहित कुमार, अग्निक राहुल कुमार, सुजीत कुमार तथा प्रधान अग्निक धर्मेंद्र पासवान सहित अग्निशमन विभाग के अन्य कर्मी मौजूद रहे. इसके अलावा आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी पूरे अभियान में सक्रिय रहे.
