गया ग्रामीण विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अंतर्गत गुरारू प्रखंड स्थित डीहा पावर स्टेशन में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पावर स्टेशन की विद्युत क्षमता में विस्तार करते हुए पूर्व से स्थापित 3.15 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफॉर्मर को बढ़ाकर पांच एमवीए कर दिया गया है. इसके साथ ही पावर स्टेशन में 3.15 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त नया पावर ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित किया गया है. विद्युत विभाग के इस क्षमता विस्तार से डीहा पावर स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर एवं स्थिर वोल्टेज के साथ विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी.
ग्रामीण विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि जिला पदाधिकारी, गया के निर्देशानुसार धान रोपनी के वर्तमान महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को कृषि कार्य के लिए प्रतिदिन न्यूनतम 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसी के मद्देनजर विद्युत आधारभूत संरचना को मजबूत करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि डीहा पावर स्टेशन में ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाये जाने एवं अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाने से कृषि फीडरों को पर्याप्त विद्युत क्षमता उपलब्ध होगी. इससे किसानों को बेहतर वोल्टेज के साथ न्यूनतम 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में काफी सहायता मिलेगी. किसान अपने मोटर पंप के माध्यम से खेतों की सिंचाई कर समय पर धान की रोपनी का कार्य पूरा कर सकेंगे.
उन्होंने बताया कि डीहा पावर स्टेशन से जुड़े घरेलू उपभोक्ताओं को भी 24 घंटे निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में यह क्षमता विस्तार महत्वपूर्ण साबित होगा. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि गया ग्रामीण विद्युत आपूर्ति प्रमंडल द्वारा किसानों एवं आम उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही है. कृषि फीडरों एवं ट्रांसफार्मरों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा कहीं भी तकनीकी खराबी उत्पन्न होने पर उसे शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि धान रोपनी के इस मौसम में किसानों को बिजली की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए विभाग पूरी तरह मुस्तैद है. विद्युत आपूर्ति की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित अवधि के अनुरूप कृषि फीडरों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
