गया जी से नई ट्रेनों और ओवरब्रिज निर्माण की मांग, संसदीय समिति की बैठक में उठे कई मुद्दे

Gaya Ji News : गया जी में रेल संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनहित और रेल विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. सांसदों ने यात्रियों की सुविधा, नई रेल सेवाओं के विस्तार और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई.

Gaya Ji News : गया जी में पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल की मंडल संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई. इसकी अध्यक्षता पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने की. इसमें मंडल क्षेत्र के सांसदों ने जनहित और रेल विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और यात्रियों की सुविधा, नई रेल सेवाओं, आधारभूत संरचना के विस्तार और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की. बैठक में पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह, मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना सहित मुख्यालय व मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

बैठक में शामिल जनप्रतिनिधि और मुख्य मांगें

बैठक में पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम, चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह, काराकाट के सांसद राजा राम सिंह, आरा के सांसद सुदामा प्रसाद, सासाराम के सांसद मनोज कुमार, औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा और राज्यसभा सांसद साधना सिंह शामिल हुए. इसके अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से उनके प्रतिनिधि राजेश कुमार पांडेय, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह के प्रतिनिधि अजीत कुमार तथा राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह के प्रतिनिधि विवेकानंद केसरी भी बैठक में शामिल हुए. गया संसदीय क्षेत्र की ओर से केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से उनके प्रतिनिधि राजेश कुमार पांडे लंबी दूरी की नई रेल सेवाओं की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया. कहा गया कि गया देश का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र होने के साथ-साथ बिहार का महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है, जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री देश के विभिन्न राज्यों की यात्रा करते हैं.

नई ट्रेनों और इमरजेंसी कोटा बढ़ाने की मांग

गया से मुंबई, नई दिल्ली और बेंगलुरु के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई. साथ ही गया से आरा तक सासाराम के रास्ते इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि शाहाबाद और मगध क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल संपर्क मिल सके. गाड़ी संख्या 12397 महाबोधी एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा एक्सप्रेस में गया से आरक्षित इमरजेंसी कोटा बढ़ाया जाए. वर्तमान व्यवस्था में यात्रियों को तत्काल और आकस्मिक यात्रा के दौरान सीट नहीं मिल पाती है. इसी प्रकार गाड़ी संख्या (12389) गया-चेन्नई एक्सप्रेस सप्ताह में केवल एक दिन चलने के कारण भारी भीड़ रहती है. प्रत्येक रविवार सैकड़ों यात्री टिकट होने के बावजूद यात्रा से वंचित रह जाते हैं. इसलिए इस ट्रेन का परिचालन सप्ताह में कम से कम दो दिन करने और इमरजेंसी कोटा बढ़ाने की मांग की गई.

जंक्शन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने और आरओबी निर्माण पर जोर

गया जंक्शन के बाहरी परिसर में यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, आधुनिक प्रतीक्षालय और यात्री शेड बनाने का प्रस्ताव रखा गया. कहा गया कि गया एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में स्टेशन के बाहर भी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है. इसके साथ ही डेल्हा साइड स्थित टिकट काउंटर का संचालन केवल सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक होने पर चिंता जताई गई. मांग की गई कि टिकट काउंटर को चौबीस घंटे संचालित किया जाए. जिससे रात के समय आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके.

अतिक्रमण हटाने और ओवरब्रिज निर्माण की मांग

गया जंक्शन और गया-डीडीयू रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों के बाहरी परिसर में अवैध रूप से संचालित दुकानों का मुद्दा भी उठाया गया. मांग की गई कि अवैध अतिक्रमण हटाकर रेलवे की ओर से टेंडर के माध्यम से व्यवस्थित दुकानों का आवंटन किया जाए. जिससे रेलवे को राजस्व भी प्राप्त होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. गया शहर और आसपास के क्षेत्रों में लंबित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग प्रमुखता से उठी. गया जंक्शन के एक नंबर रेल गुमटी बंद होने के बाद आम लोगों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए वहां ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव रखा गया.

रेल ओवरब्रिज निर्माण और मुआवजे की मांग

वागेश्वरी रेल फाटक पर प्रस्तावित आरओबी का निर्माण शीघ्र शुरू करने की भी मांग की गई. इसके अलावा ग्राम बंगाली बिगहा के समीप डीएफसीसी नई रेलवे लाइन के पास आरओबी बनाकर डोभी-पटना फोरलेन से जोड़ने, एफसीआई रेलवे गुमटी पर आरओबी बनाने और गया-चकंद रेलखंड स्थित कॉटन मिल रेलवे गुमटी पर प्रतिदिन लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए रेल उपरिगामी पुल निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया. वहीं दूसरी तरफ बैठक में समर्पित माल गलियारा (डीएफसीसी) परियोजना के अंतर्गत कष्ठा, गुरारू और परैया क्षेत्र में लंबित भूमि अधिग्रहण और किसानों के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया गया. कहा गया कि किसानों को समय पर मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाए. ताकि, परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सके.

ट्रेनों के ठहराव और माल गोदाम को स्थानांतरित करने का सुझाव

बैठक में परैया रेलवे स्टेशन पर पलामू एक्सप्रेस, जम्मूतवी-सियालदह एक्सप्रेस और हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस के ठहराव की मांग रखी गई. कहा गया कि इस क्षेत्र की बड़ी आबादी को इन ट्रेनों का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ठहराव मिलने से आसपास के हजारों यात्रियों को सुविधा होगी. इसके अलावा मगध क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में कार्यरत हैं. वर्तमान में जम्मू-कश्मीर जाने के लिए केवल जम्मूतवी-सियालदह एक्सप्रेस पर निर्भर रहना पड़ता है. इसे देखते हुए गया से श्रीनगर तक नई रेल सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया.

माल गोदाम स्थानांतरण और अधिकारियों का आश्वासन

ताकि, सैनिकों, उनके परिवारों और आम यात्रियों को सीधा रेल संपर्क उपलब्ध हो सके. बैठक में गया शहर के बीच स्थित रेलवे माल गोदाम को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का भी सुझाव दिया गया. कहा गया कि भारी वाहनों के कारण शहर में प्रतिदिन जाम और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है. यदि परैया स्टेशन पर आधुनिक माल गोदाम विकसित किया जाए तो गया शहर को यातायात के दबाव से राहत मिलेगी और माल परिवहन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा. बैठक के दौरान रेलवे अधिकारियों ने सांसदों द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना. अधिकारियों ने कहा कि जिन विषयों का निर्णय मंडल स्तर पर संभव होगा, उन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

रेलवे अधिकारियों का आश्वासन और उम्मीद

वहीं नई ट्रेनों के परिचालन, बड़े निर्माण कार्यों और नई परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों को रेलवे बोर्ड के समक्ष भेजा जाएगा. बैठक के अंत में सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि मंडल संसदीय समिति रेलवे और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच है. इसके माध्यम से स्थानीय समस्याओं को सीधे रेलवे प्रशासन के समक्ष रखा जाता है और उनके समाधान की दिशा में पहल होती है. गया से जुड़े रेल विकास, यात्री सुविधाओं, नई ट्रेनों, ओवरब्रिज निर्माण तथा आधारभूत संरचना के विस्तार संबंधी मांगों पर गंभीर विचार किए जाने से आने वाले समय में मगध क्षेत्र के लाखों रेल यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है.

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