सीयूएसबी (CUSB) के मिल्खा सिंह खेल परिसर में अंतर विद्यालय कबड्डी प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ हुआ. कुलपति प्रो. के.एन. सिंह के मार्गदर्शन में सहायक निदेशक डॉ. जे.पी. सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रतियोगिता के पहले दिन छात्र एवं छात्रा वर्ग में कुल चार मुकाबले खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल और खेल भावना का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता की मुख्य अतिथि प्रो. चेतना जायसवाल ने खिलाड़ियों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया.
वहीं, स्पोर्ट्स एंड गेम्स कमेटी के चेयरमैन प्रो. प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं समय-समय पर आयोजित होती रहती हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना विकसित करने का अवसर मिलता है.
रोमांचक रहे शुरुआती मुकाबले
उद्घाटन मुकाबला छात्रा वर्ग में स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर और स्कूल ऑफ ह्यूमन साइंसेज के बीच हुआ. दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और निर्धारित समय के बाद मुकाबला 20-20 की बराबरी पर रहा.
इसके बाद विजेता का फैसला गोल्डन रेड से हुआ, जिसमें स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की खिलाड़ी ने सफल रेड लगाकर अपनी टीम को रोमांचक जीत दिलाई. दूसरा मुकाबला छात्र वर्ग में स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज और स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के बीच हुआ, जिसमें स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 38-9 के अंतर से जीत दर्ज की.
एसपीसीसी और फार्मेसी ने भी दर्ज की जीत
तीसरा मुकाबला छात्रा वर्ग में स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज और स्कूल ऑफ फिजिकल एंड केमिकल साइंसेज (एसपीसीसी) के बीच खेला गया, जिसमें एसपीसीसी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम किया.
अंतिम मुकाबला छात्र वर्ग में स्कूल ऑफ फार्मेसी और स्कूल ऑफ अर्थ एंड बायोलॉजिकल साइंसेज के बीच हुआ जिसमें फार्मेसी के रेडरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई.
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय उपस्थिति
पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान डॉ. आतिश दास, प्रो. अतुल कुमार, डॉ. अनुज कुमार सिंह सहित डॉ. अल्पना झा, डॉ. अरुण, डॉ. विकल कुमार सिंह, डॉ. सुदर्शन बेहरा, डॉ. गौरव कुमार सिंह और डॉ. रेनू सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं सदस्य उपस्थित रहे.
उन्होंने खिलाड़ियों का जमकर उत्साहवर्धन किया और प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों का आनंद लिया. प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यार्थियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनमें शशि, उमेश, रोहन, सौरव, ऋतुराज, ऋषिकेश राज, उत्तम कुमार और चंदन कुमार आदि शामिल थे.
