गया जी के नीमचक बथानी प्रखंड के ई-किसान भवन स्थित सभागार कक्ष में मंगलवार को एक दिवसीय 'खरीफ किसान गोष्ठी' का सफल आयोजन किया गया. इस गोष्ठी में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से पहुंचे सैकड़ों महिला एवं पुरुष किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ आमंत्रित अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया.
किसान गोष्ठी के दौरान खरीफ फसलों को कीटों एवं विभिन्न प्रकार की घातक व्याधियों से बचाने, समय रहते उनकी सही पहचान करने तथा पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन करने के बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई. इसके साथ ही, आगामी रबी मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को खेतों की सही तैयारी, उन्नत फसल प्रबंधन और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारियां दी गईं.
कृषि विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां
जिला स्तर से विशेषज्ञ के रूप में पहुंचे पूर्व जिला कृषि परामर्शी सुदामा सिंह एवं आत्मा (ATMA) से जुड़ी मेघा कुमारी ने उपस्थित किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी तकनीकी बातें बताईं. उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि फसल में किसी प्रकार का कीट या रोग लग जाने के बाद उसके उपचार करने से बेहतर है कि समय रहते उसकी शुरुआती पहचान की जाए और उचित प्रबंधन अपनाया जाए. यह तरीका खेती में अधिक प्रभावी साबित होता है.
किसानों को यह भी सलाह दी गई कि वे अपनी फसल की वर्तमान स्थिति के अनुसार स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही आवश्यक खाद एवं उर्वरक का उपयोग करें.
किसानों की समस्याओं का हुआ समाधान
गोष्ठी के दौरान किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी अपनी व्यक्तिगत समस्याओं और सवालों को विशेषज्ञों के समक्ष खुलकर रखा. कृषि अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने सभी किसानों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनकर उनके त्वरित समाधान के लिए उचित सुझाव दिए. साथ ही, किसानों को कृषि विभाग की ओर से मिलने वाली सभी तकनीकी सलाह और विभिन्न योजनाओं की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया.
इस कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुधीर मांझी, कृषि समन्वयक राजीव कुमार, हरेंद्र कुमार एवं दिलीप कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राजीव कुमार, सहायक तकनीकी प्रबंधक मणिकांत मदन एवं अभिषेक रंजन तथा किसान सलाहकार सुनील कुमार, पवन कुमार, श्लोक कुमार एवं विवेकानंद सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे. कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों के साथ संवाद स्थापित कर खरीफ और आगामी रबी मौसम में आधुनिक तरीकों से खेती कर आय बढ़ाने पर जोर दिया.
