पूरे भारतवर्ष में चल रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान के बैनर तले सोमवार को शहर में गौ रक्षा, सेवा और संवर्धन को लेकर एक भव्य पदयात्रा निकाली गई. यह पदयात्रा गांधी मैदान से शुरू होकर राय काशीनाथ मोड़ और डाक बंगला रोड होते हुए समाहरणालय पहुंची.
गौ हत्या पर पूर्ण पाबंदी लगाने, गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित इस पदयात्रा में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, बोधगया मठ के महंत, सनातन प्रेमियों, गौ भक्तों और युवाओं ने काफी संख्या में बढ़-चढ़कर भाग लिया. पदयात्रा के दौरान पूरा मार्ग "गौ माता की जय" और गौ संरक्षण के नारों से गूंज उठा.
डीएम को सौंपा गया पांच लाख हस्ताक्षरों का ज्ञापन
पदयात्रा की समाप्ति के बाद गौ सम्मान आह्वान समिति के एक शिष्टमंडल ने गया के जिलाधिकारी (डीएम) शशांक शुभंकर को गयाजी की आम जनता के पांच लाख हस्ताक्षरयुक्त मांगों का ज्ञापन सौंपा. यह ज्ञापन देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, बिहार के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया गया है.
बोधगया मठ के महंत सत्यानंद गिरी ने इस दौरान कहा कि गौ माता करोड़ों हिंदू सनातनियों की आस्था से जुड़ी हुई हैं, इसलिए केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय पशु घोषित कर पूरा मान-सम्मान देना चाहिए.
वहीं, मणिलाल बारिक ने कहा कि केंद्र सरकार से हमारी प्रमुख मांग है कि पूरे देश में गौ हत्या पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. उन्होंने कहा कि गौ माता हमारी भारतीय सनातन संस्कृति की प्रतीक हैं, इसलिए इनका सम्मान होना चाहिए तथा गयाजी सहित पूरे देश में चल रहे अवैध बूचड़खानों को अविलंब बंद किया जाए.
इस पदयात्रा में गोस्वामी, बिंदिया देवी, विमला देवी, रामप्रवेश सिंह, दारा रविदास, अमरजीत गिरी, सुनीता देवी, सरिता त्रिपाठी सहित काफी संख्या में लोग शामिल रहे.
