गया जी जिले के आमस थाना क्षेत्र के मानसाडीह गांव में करीब 12 साल पहले हुए गोलीकांड के मामले में शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुनाया. शेरघाटी एडीजे-1 लवकुश कुमार की अदालत ने आरोपी ईश्वर पासवान को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपों से मुक्त करते हुए रिहा करने का आदेश दिया.
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष सुनवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ठोस साक्ष्य से साबित नहीं कर सका. इसके बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया.
महीनों से जेल में बंद थे
अधिवक्ता के अनुसार, ईश्वर पासवान पिछले कई महीनों से जेल में बंद थे. अदालत का फैसला आने के बाद उन्हें रिहा करने का रास्ता साफ हो गया है.
2012 का है मामला
मामला 27 अप्रैल 2012 का है. उस दिन प्रदीप मंडल ने आमस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी के मुताबिक, प्रदीप मंडल मछली खरीदने के लिए ईश्वर पासवान के पास गए थे.
मछली विवाद में गोलीबारी का आरोप
मछली के दाम को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. आरोप था कि विवाद के दौरान ईश्वर पासवान ने गोली चला दी, जिससे प्रदीप मंडल घायल हो गए. घटना के बाद प्रदीप मंडल ने स्वयं थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
12 साल बाद न्याय
करीब 12 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अभियोजन की ओर से पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर आरोपी को मामले से मुक्त कर दिया.
