ब्रह्माकुमारीज सिविल लाइन सेवा केंद्र में गुरुपूर्णिमा का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, प्रेम और आपसी सम्मान के साथ मनाया गया. इस विशेष अवसर पर सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी बीके शीला दीदी के प्रति सभी बीके भाई-बहनों ने अपनी गहरी कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करते हुए उनके अमूल्य सेवाकार्यों, अटूट समर्पण तथा वर्षों से मिल रही आध्यात्मिक पालना को भावुकता के साथ स्मरण किया.
कार्यक्रम के दौरान सभी भाई-बहनों ने सुंदर शब्दों और कविताओं के रूप में अपने आंतरिक भावों का उपहार शीला दीदी को अर्पित किया.
किसी ने उनके ममतामयी मातृवत स्नेह को याद किया, तो किसी ने उनके अथक सेवाभाव, धैर्य, सरलता और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की उनकी अनूठी विशेषता का खुलकर वर्णन किया.
परमात्मा शिव को माना गया है सच्चा सद्गुरु
इस मौके पर शीला बहन ने उपस्थित सभी साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी गुरुओं के गुरु केवल एक ही सच्चे सद्गुरु — परमात्मा शिव हैं. केवल निराकार परमात्मा शिव ही हम सभी पतित आत्माओं को पावन और श्रेष्ठ बनाने वाले हैं.
कार्यक्रम में यह मुख्य भाव भी प्रमुखता से व्यक्त किया गया कि ब्रह्माकुमारीज परिवार में 'शिव बाबा' ही हमारे परम शिक्षक, सच्चे सद्गुरु और परम पिता हैं, जबकि उनके द्वारा निमित्त बनाए गए वरिष्ठ भाई-बहन हमें दिव्य ज्ञान, राजयोग और श्रेष्ठ संस्कारों की पालना प्रदान करते हैं. कार्यक्रम का समापन सभी के प्रति मंगल कामनाओं, आत्मिक प्रेम और अलौकिक ईश्वरीय स्मृति के साथ हुआ.
