गया जी से हरिबंश कुमार की रिपोर्ट
Bihar Education department: बिहार के शिक्षा विभाग के द्वारा बिना मान्यता चलाए जा रहे निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में गया जी में बिना मान्यता चल रहे निजी विद्यालयों पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को तीन दिनों के भीतर ऐसे स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. साथ ही अभिभावकों को भी चेतावनी दी गई है कि वे अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं.
3 दिन में होगी पहचान
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) गौरव राज ने जिले के सभी बीईओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अपने-अपने प्रखंड क्षेत्रों में बिना मान्यता संचालित निजी विद्यालयों की पहचान कर उनकी सूची जल्द उपलब्ध कराई जाए. शिक्षा विभाग का कहना है कि जिले में गुणवत्तापूर्ण और मानक आधारित शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है.
गलत स्कूल में नामांकन पड़ा तो हो सकती है परेशानी
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं. बिना मान्यता या अवैध रूप से संचालित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर असर पड़ सकता है. विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है.
RTE कानून के तहत बिना मान्यता स्कूल चलाना अपराध
जारी निर्देश में कहा गया है कि बच्चों का निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा बिहार राज्य बच्चों की निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 के अनुसार सक्षम प्राधिकारी से मान्यता प्राप्त किए बिना किसी भी विद्यालय की स्थापना या संचालन नहीं किया जा सकता. अधिनियम की धारा 18 और 19 के तहत बिना मान्यता विद्यालय चलाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है.
10 जून के बाद खत्म हुई मोहलत
शिक्षा विभाग ने बताया कि निजी विद्यालयों को मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई थी. इसके बाद भी बिना मान्यता संचालित होने वाले विद्यालय पूरी तरह गैरकानूनी माने जाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
₹1 लाख जुर्माना और रोजाना ₹10 हजार की अतिरिक्त पेनाल्टी
नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा यदि निर्धारित समय के बाद भी विद्यालय का संचालन जारी रहता है तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी वसूला जा सकता है. शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सख्त चेतावनी जारी की है
गया जी में सिर्फ 648 निजी स्कूल मान्यता प्राप्त
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार गया जी जिले में ज्ञानदीप पोर्टल पर 648 निजी विद्यालय पंजीकृत हैं, जो आरटीई के दायरे में आते हैं. वहीं मान्यता प्राप्त करने के लिए इ-संबंधन पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा के भीतर 32 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं. विभाग अब सभी आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ अवैध स्कूलों की पहचान में जुट गया है.
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