Gaya Ji News : गया जी जिले के वजीरगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय करजरा में बुधवार को बाल संसद का गठन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में लोकतंत्र की समझ, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित करना था.
निष्पक्ष मतदान से चुने गए बाल संसद के प्रतिनिधि
बाल संसद चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुई. विद्यालय के नामांकित और चयनित छात्र-छात्राओं ने मतदान में हिस्सा लिया. मतदान के बाद मतगणना कर विभिन्न पदों के लिए प्रतिनिधियों का चयन किया गया.
नीरू कुमारी बनी प्रधानमंत्री, स्नेहा कुमारी को मिली उप प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी
मतदान के बाद नीरू कुमारी को बाल संसद का प्रधानमंत्री चुना गया. वहीं स्नेहा कुमारी उप प्रधानमंत्री के पद पर निर्वाचित हुईं. छात्रों में चुनाव परिणाम को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला.
सोनू कुमार बने शिक्षा मंत्री, 12 मंत्रियों का हुआ चयन
बाल संसद में शिक्षा मंत्री के पद पर सोनू कुमार चुने गए. इसके अलावा सोनम कुमारी को स्वास्थ्य मंत्री, शिवानी कुमारी को वित्त मंत्री, खुशियाल कुमार को गृह मंत्री और रवि कुमार को खेल मंत्री बनाया गया.
अन्य पदों पर भी छात्रों को मिली जिम्मेदारी
आयुष कुमार को उप खेल मंत्री, नीतिक कुमार को पुस्तकालय एवं विज्ञान मंत्री, संदीप कुमार को पर्यावरण मंत्री, रेशमी कुमारी को सांस्कृतिक मंत्री और रिंकी कुमारी को अनुशासन मंत्री चुना गया.
नवनिर्वाचित मंत्रियों को दिलाई गई शपथ
सभी नवनिर्वाचित बाल संसद मंत्रियों को विद्यालय की प्राचार्या जया सिंह ने बैज पहनाकर शपथ दिलाई. इस दौरान बच्चों ने विद्यालय की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने का संकल्प लिया.
बाल संसद बच्चों में जिम्मेदारी और अनुशासन बढ़ाती है
विद्यालय की प्राचार्या जया सिंह ने कहा कि बाल संसद बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन और सहयोग की भावना विकसित करती है. उन्होंने कहा कि यही बच्चे आगे चलकर देश के भविष्य के कर्णधार बनेंगे.
साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की अपील
प्राचार्या ने सभी बाल मंत्रियों से विद्यालय की साफ-सफाई, अनुशासन बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सहयोग करने की अपील की.
शिक्षकों और अभिभावकों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
कार्यक्रम में मतदान अधिकारी की भूमिका शिक्षक मो अशरफ रजा, कमलेश कुमार, कुंज विकास और अभिषेक कुमार ने निभाई. इस अवसर पर कई अभिभावक, शिक्षक और विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
बाल संसद गठन से छात्रों में दिखा उत्साह
बाल संसद के गठन के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह देखने को मिला. शिक्षकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती हैं.
