Gaya Ji News : मगध विश्वविद्यालय के डॉ. राधाकृष्णन सभागार में बाबू जगजीवन राम अकादमिक विचार मंच एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आइक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में 'इक्कीसवीं सदी में बाबू जगजीवन राम के शासन और नेतृत्व के दृष्टिकोण पर दोबारा विचार करना' विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी ने की, जबकि कुलसचिव डॉ. बिनोद कुमार मंगलम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस अवसर पर स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए संयोजक मुकेश कुमार ने मुख्य वक्ता एवं अतिथियों का स्वागत किया तथा व्याख्यानमाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार चौधरी ने अपने उद्बोधन में बाबू जगजीवन राम के जीवन व कार्यों को रेखांकित करते हुए उनके जीवन के विविध प्रसंगों की चर्चा की.
जनहितकारी कार्यों और गांधीवादी सिद्धांतों की चर्चा
प्रो. नृपेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बाबू जगजीवन राम को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उन्हें मानवतावादी चिंतक निरूपित किया. समाज विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. दीपक कुमार ने उनके कैबिनेट मंत्रित्व काल में संपादित जनहितकारी कार्यों को विस्तारपूर्वक रेखांकित किया. विशिष्ट अतिथि डॉ. बिनोद कुमार मंगलम ने उन्हें महात्मा गांधी का सच्चा अनुयायी बताते हुए अनेक प्रेरक दृष्टांत प्रस्तुत किए. मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. प्रणव कुमार ने बाबू जगजीवन राम के विजन एवं नेतृत्व-क्षमता का उल्लेख करते हुए विषय पर सारगर्भित उद्बोधन दिया.
कुलपति ने अध्येताओं को प्रेरणा लेने के लिए किया प्रेरित
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी ने अध्येताओं को बाबू जगजीवन राम के जीवन एवं कार्यों से प्रेरणा लेकर सतत आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सचिन कुमार मंदिलवार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अंजनी कुमार घोष ने प्रस्तुत किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
