Gaya Ji News : आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान स्टेशन मास्टर के साथ हुई मारपीट के विरोध में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन की ओर से गया जंक्शन पर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया. इस दौरान रेल कर्मियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कड़ी कार्रवाई करने की जोरदार मांग की.
यह विरोध कार्यक्रम एआइएसएमए के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें डीडीयू मंडल के विभिन्न स्टेशनों के स्टेशन मास्टर्स ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाई.
केंद्रीय अध्यक्ष और मंडल सचिव के नेतृत्व में निकला मार्च, आरपीएफ पर मारपीट का आरोप
यह कैंडल मार्च गया जंक्शन स्थित पार्सल कार्यालय से शुरू होकर स्टेशन के मुख्य द्वार तक निकाला गया. इस मार्च का नेतृत्व एआइएसएमए के केंद्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार और डीडीयू मंडल सचिव प्रिंस कुमार ने संयुक्त रूप से किया. इस दौरान मार्च में शामिल प्रतिभागियों ने अपने हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां लेकर बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और पीड़ित स्टेशन मास्टर नरेंद्र चहार के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की.
एसोसिएशन का सीधा आरोप है कि आगरा कैंट स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान स्टेशन मास्टर नरेंद्र चहार के साथ आरपीएफ कर्मियों द्वारा बर्बरतापूर्वक मारपीट की गयी है. इसी गंभीर घटना के विरोध में देशभर में एआइएसएमए की विभिन्न शाखाओं द्वारा चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च आयोजित किये जा रहे हैं.
डीडीयू मंडल के कई स्टेशनों के स्टेशन मास्टर रहे मौजूद, संघ के पदाधिकारी भी जुटे
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मानपुर, कस्ता, परैया, गुरारू, इस्माइलपुर, रफीगंज, फेसर और जपला स्टेशन के स्टेशन मास्टर्स और स्टेशन अधीक्षक मुख्य रूप से शामिल हुए. इसके अलावा, कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने और रेल कर्मियों का हौसला बुलंद करने के लिए जोनल सचिव (वित्त) ओमप्रकाश मानव, मंडल सचिव (वित्त) शंभू कुमार शर्मा, जुगेश कुमार सिन्हा और जोनल कार्यकारी अध्यक्ष सुनील शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे. सभी वक्ताओं ने पीड़ित रेल कर्मी को न्याय दिलाने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया.
ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग
सभा को गंभीरता से संबोधित करते हुए डीडीयू मंडल सचिव प्रिंस कुमार ने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी रेल कर्मचारी, विशेषकर स्टेशन मास्टर के साथ इस तरह का हिंसात्मक और अमानवीय व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने रेल प्रशासन से इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषी रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्टेशन मास्टर्स की सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की.
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने नरेंद्र चहार को न्याय मिलने तक अपना संगठनात्मक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. पूरा कैंडल मार्च शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ.
