Gaya Ji News : बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने गुरुवार को गया जिला अतिथि गृह में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को प्रत्येक प्रखंड से तीन पंचायतों का चयन कर उन्हें पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाने का कड़ा निर्देश दिया. इसके तहत गया जिले के सभी 24 प्रखंडों की कुल 72 पंचायतों को इस विशेष अभियान में शामिल किया गया है.
रेस्क्यू अभियान में एआइ का उपयोग
उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन से समाज में अपराध की घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और बच्चों को शिक्षा के साथ बेहतर भविष्य का अवसर मिलेगा. बैठक में उप श्रमायुक्त पूनम कुमारी समेत गया जिले के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने उपाध्यक्ष का भव्य स्वागत किया. इस समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष ने सभी प्रखंडों में अब तक रेस्क्यू किए गए बाल श्रमिकों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी और अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि बाल श्रमिकों को रेस्क्यू कर शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, कौशल विकास व अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर पुनर्वासित किया जा रहा है. आवश्यकता पड़ने पर इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) का भी उपयोग किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अब तक 20 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है.
चयनित पंचायतों में पुलिस के सहयोग से होगी छापेमारी
उपाध्यक्ष ने चयनित पंचायतों में पुलिस प्रशासन के सक्रिय सहयोग से लगातार छापेमारी अभियान चलाने और व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया. उन्होंने जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रथ और अन्य प्रचार कार्यक्रम आयोजित करने पर विशेष जोर दिया. साथ ही, बोधगया में प्रमंडल स्तर पर जनप्रतिनिधियों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने की रूपरेखा तैयार करने की बात कही.
इस संबंध में उप श्रमायुक्त के साथ मगध रेंज के आइजी से भी एक विशेष मुलाकात की गई है. इस महत्वपूर्ण बैठक में बाल श्रमिक आयोग के सदस्य शौकत अली, श्रम विभाग के अधिकारी, स्पेशल क्राइम ब्रांच के डीएसपी, जिला खाद्य निगम, जिला कल्याण विभाग, जिला खनन विभाग, समाज कल्याण विभाग, चाइल्डलाइन के प्रतिनिधि तथा बाल श्रम उन्मूलन के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे.
पुनर्वासित बच्चों को बांटे गए स्कूल बैग और पाठ्य सामग्री
इस समीक्षा बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि रेस्क्यू किए गए सभी बाल श्रमिकों को विद्यालयों की मुख्यधारा से जोड़ दिया गया है. इसके साथ ही, उनके परिवारों के बेहतर पुनर्वास की दिशा में भी विभाग द्वारा काम किया जा रहा है. समीक्षा बैठक की समाप्ति के बाद बच्चों के बीच स्कूल बैग और आवश्यक पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया. इस पुनीत कार्य में सेंटर डायरेक्ट एनजीओ की 'कवच परियोजना' का सराहनीय सहयोग रहा.
इसके अलावा, उपाध्यक्ष ने समग्र सेवा संस्था की ओर से वजीरगंज, अतरी और मोहड़ा प्रखंड के महादलित टोलों में संचालित 60 विद्यालयों के कार्यों की जमकर सराहना की. संस्था के इस प्रयास से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल को क्षेत्र में बेहद बेहतर प्रतिक्रिया मिली है. उन्होंने पदाधिकारियों को ऐसे सकारात्मक प्रयासों को आगे भी निरंतर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया.
सभ्य समाज के लिए अभिशाप बने बाल श्रम का होगा खात्मा
बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि सभ्य समाज के लिए अभिशाप बने बाल श्रम के पूर्ण उन्मूलन में सभी लोगों की सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है. जन जागरूकता के लिए जल्द ही बोधगया में पंचायत प्रतिनिधियों, इस दिशा में कार्य कर रहे संस्थानों और अन्य लोगों के साथ एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी.
चयनित पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए बिल्कुल मिशन मोड में काम किया जाएगा. इसके तहत पुनर्वासित बच्चों की शिक्षा के लिए उन्हें गोद लेने जैसी मानवीय परंपरा को भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके साथ ही, बाल श्रम से संबंधित एक त्रैमासिक मैगजीन का नियमित प्रकाशन भी किया जाएगा.
इन 24 प्रखंडों की चयनित पंचायतों की सूची
गया जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के महाभियान के तहत पहले चरण में गया सदर प्रखंड की चूरी, औरवां, कुजाप. अतरी प्रखंड की जीरी, नरावट, धूसरी. बेलागंज प्रखंड की कोरमथू, चिरैला, पनारी. गुरुआ प्रखंड की गुमेरी, काज, पकरी. खिजरसराय प्रखंड की अइमा, उचौली, रौनिया. डुमरिया प्रखंड की नदइ, कोल्हुबार, भंगिया. इमामगंज प्रखंड की चौबार, नगमा, छकरबंधा. बांकेबाजार प्रखंड की परसावां खुर्द, लुटुआ, बैतल. परैया प्रखंड की सोलरा, पुनाकला, मंझियावां. नीमचक बथानी प्रखंड की नैली, खुखरी, तेलारी. बोधगया प्रखंड की कन्हौल, बसाड़ी, मोराटाल. और फतेहपुर प्रखंड की बारा, जयपुर, धरहरा कला पंचायतों को शामिल किया गया है.
इन 12 प्रखंडों में भी मिशन मोड में चलेगा अभियान
इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए बाराचट्टी प्रखंड की रोहे, बिंदा, बजरकर. गुरारु प्रखंड की कनौसी, रौना, कोची. आमस प्रखंड की चापी, श्रीरामपुर, ढाब चिड़इया. कोंच प्रखंड की अदइ, सीमरा, अहियापुर. मानपुर प्रखंड की कइया, सनौत, गेरे. टिकारी प्रखंड की चतवां, पूरा, रूपसपुर. डोभी प्रखंड की नदरपुर, कुरमावां, पंचरतन. शेरघाटी प्रखंड की रामपुर, झारी, बड़की चिलिम. मोहड़ा प्रखंड की अरइ, सरसू, दरियापुर. मोहनपुर प्रखंड की तेसवार, सिरियावां, डेमा. वजीरगंज प्रखंड की जमुआवां, सकरदास नवादा, अमैठी. तथा टनकुप्पा प्रखंड की टनकुप्पा, बरसौना, गजाधरपुर पंचायतों को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए चयनित किया गया है.
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