धनकटनी के लिए नहीं मिल रहे मजदूर हर साल कार्तिक माह में होता है मजदूरों का पलायनबाहर से मजदूरों को बुला कर करायी जाती है कटनीप्रतिनिधि, डोभीप्रखंड में धनकटनी का कार्य जोरों पर है, लेकिन मजदूर नहीं मिलने से किसान परेशान हैं. जानकारी के अनुसार, हर साल कार्तिक महीने में डोभी प्रखंड क्षेत्र से सैकड़ों मजदूर पलायन कर जाते हैं. अगर प्रशासन जिस सख्ती से पलायन रोकने में दिलचस्पी दिखाती है, उतना ही दिलचस्पी मजदूरों के हक व अधिकार के साथ रोजी-रोटी की व्यवस्था कराने में दिखाती, तो शायद मजदूरों का जीवन संवार जाता और पलायन भी रुकता. लेकिन, ऐसा कुछ भी नहीं होता है.सरकार द्वारा मजदूरों के विकास के लिए दर्जनों योजनाएं चलायी जा रही हैं. इनमें मनरेगा, पेंशन योजना, इंदिरा आवास योजना व स्वरोजगार योजना सहित कई योजनाएं शामिल हैं. लेकिन, सभी योजनाओं में लूटपाट से मजदूर इनके लाभ से वंचित रह जाते हैं. खेतों व ईंटे भट्ठे पर काम करनेवाले मजदूरों को देख कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार की योजनाओं से कितने मजूदरों को भला हुआ है. महिला-पुरुषों के अलावा बच्चे भी अपनी जिंदगी को इस नरक में झोंकने को मजबूर हैं. प्रखंड के किसान महेश प्रसाद, रामेशवर प्रसाद, जगदीश महतो, लक्ष्मण प्रसाद, सूरज कुमार, प्रसाद यादव, मदन महतो आदि ने बताया कि धान की फसल तैयार है, परंतु, कटनी के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं. प्रखंड क्षेत्र के ज्यादातर मजदूर रोजी-रोटी के जुगाड़ में हर साल कार्तिक माह से बाहर निकलना शुरू कर देते हैं, जिससे धनकटनी के लिए मजदूरों की घोर कमी हो जाती है. बाहर से मजदूर बुलाना पड़ता है. इस संबंध में डोभी बीडीओ जयराम चौरासिया ने बताया कि मजदूर का पलायन रोकने के लिए सरकार संकल्पित है. इनके रोजगार व विकास के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही हैं और जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है.
धनकटनी के लिए नहीं मिल रहे मजदूर
धनकटनी के लिए नहीं मिल रहे मजदूर हर साल कार्तिक माह में होता है मजदूरों का पलायनबाहर से मजदूरों को बुला कर करायी जाती है कटनीप्रतिनिधि, डोभीप्रखंड में धनकटनी का कार्य जोरों पर है, लेकिन मजदूर नहीं मिलने से किसान परेशान हैं. जानकारी के अनुसार, हर साल कार्तिक महीने में डोभी प्रखंड क्षेत्र से सैकड़ों […]
